फियोंगयांग
उत्तर कोरिया की सत्ताधारी पार्टी के शीर्ष पद पर चुने जने के बाद किम जोंग उन ने अपने शीर्ष अधिकारियों और कमांडरों को नई स्निपर राइफल गिफ्ट की हैं। एक समारोह के दौरान किम जोंग उन ने लोगों को राइफल का तोहफा दिया। वहीं उनकी बेटी राइफल से निशाना लगाती नजर आई। चर्चा है कि किम जोंग उन बेटी को ही अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहते हैं। किम जोंग उन ने कहा कि राइफल गिफ्ट करना दिखाता है कि उनका अपने अधिकारियों पर पूर्ण विश्वास है। इसके अलावा वर्कर्स पार्टी के लिए वह पूरी तरह से ईमानदार हैं.
हाल ही में किम की ब हन किम यो जोंग भी अमरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ काफी बयान दे रही थीं। ऐसे में उनको लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि एक बार फिर किम जोंग उन को ही वर्कर्स पार्टी का चीफ चुना गया। स्थानीय मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में दिखाया गया कि किम यो जोंग के हाथ में भी राइफल है।
बेटी किम जू ए को लेकर क्या है प्लान
किम जोंग की बेटी की उम्र अभी 13 साल है। वैसे तो किम जोंग उन अपने परिवार को सार्वजनिक रूप से कहीं ले नहीं जाते हैं। हालांकि हाल ही में एक मिसाइल टेस्ट के दौरान वह अपनी बेटी को लेकर गए थे। इसके अलावा उनकी बहन की भी कई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। हाल ही में जब किम जोंग उन चीन की यात्रा पर गए थे तब भी वह बेटी को साथ लेकर गए थे। वर्कर्स पार्टी ने सात दिनों का एक वार्षिक समारोह किया जिसमें किम जोंग उन का जमकर गुणगान किया गया।
अमेरिका को दे दी धमकी
किम जोंग उन ने कहा है कि यदि अमेरिका अपनी शत्रुतापूर्ण नीति छोड़कर उत्तर कोरिया के परमाणु संपन्न राष्ट्र के संवैधानिक दर्जे को स्वीकार करता है, तो उत्तरी कोरिया अमेरिका के साथ संबंधों को सुधारने के लिए तैयार होगा। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की नौवीं कांग्रेस के अवसर पर आयोजित एक परमाणु सैन्य परेड में श्री किम ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा 'यदि अमेरिका उत्तर कोरिया के संविधान में परिभाषित परमाणु राष्ट्र की वर्तमान स्थिति का सम्मान करता है और उत्तर कोरिया के प्रति अपनी शत्रुतापूर्ण नीति वापस लेता है, तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम अमेरिका के साथ अच्छे संबंध स्थापित न कर सकें।'
किम ने कहा कि अमेरिका और उत्तर कोरिया साथ चल सकते हैं, लेकिन केवल तभी जब अमेरिका यह स्वीकार कर ले कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार स्थायी रूप से रहेंगे। उत्तरी कोरिया के सुप्रीम लीडर की टिप्पणियों को अप्रैल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा से पहले अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खोलने के रूप में देखा गया। श्री किम ने हालांकि दक्षिण कोरिया के साथ किसी भी राजनयिक सुधार की उम्मीदों को खारिज करते हुए उन्हें सबसे बड़ा शत्रु करार दिया।

