जालंधर.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवान सिंह मान आदमपुर के गांव उदेशियां में डॉ. बीआर आंबेडकर के जन्म दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे है। मुख्यमंत्री पंजाब आज मुख्यमंत्री मांवां-धीया सत्कार योजना की शुरुआत करेंगे।
गांव उदेशियां में अनुसूचित जातियों की 65% भागीदारी है और यहां शिक्षा का स्तर 90% है, लिंग अनुपात में भी 1000 के पीछे 984 लड़कियों का अनुपात है जबकि पंजाब में कल लिंग अनुपात 894 है। यह गांव हल्का आदमपुर हलका की सीट के लिए बेहद महत्वपूर्ण भी है, इस सीट से शिरोमणि अकाली दल के विधायक रहे पवन टीनू अब आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हैं और वर्तमान में पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन है।
1500 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि
इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह स्कीम महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करेगी, जिससे वे बचत और निवेश कर सकेंगी तथा घर-परिवार के लिए जरूरी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम बनेंगी।”
मुख्यमंत्री कार्यालय ने आगे कहा, “इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है, जो इसे देश की सबसे महिला-हितैषी सामाजिक सुरक्षा पहलों में शामिल करता है। यह योजना राज्य भर में महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के सशक्तिकरण के तहत उनके लिए वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार के विजन को दर्शाती है।” यह योजना सीधा लाभ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस स्कीम के तहत एक परिवार में योग्य महिलाओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी और एक ही परिवार की कई महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी इस योजना के तहत अपनी पेंशन के अलावा पूरा वित्तीय लाभ मिलेगा, जिससे इसकी पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
पंजाब में 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं, जो वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनके पास पंजाब निवास वाला आधार कार्ड और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर कार्ड है, इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में रजिस्टर होने के योग्य होंगी। हर महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचाने को सुनिश्चित करने के लिए भगवंत मान सरकार व्यापक पहुंच और रजिस्ट्रेशन संबंधी हर संभव प्रयास करेगी, जिसमें महिलाओं खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं के लिए दस्तावेज पूरे करना, बैंक खाते सक्रिय करना और निर्बाध रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने में सहायता शामिल है।
इस पहल को और मजबूत करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही 9,300 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की जा चुकी है और योजना के पैमाने व पहुंच को देखते हुए यह पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी महिला-हितैषी सामाजिक कल्याण पहलों में से एक होने की उम्मीद है।

