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सीरीज बराबरी के लिए भारत की तैयारी, बल्लेबाजी और गेंदबाजी में नए प्रयोग

नई दिल्ली
ओल्ड ट्रैफर्ड में रणनीति उलटी पड़ने के बाद भारतीय टीम अब ट्रेंट ब्रिज में नया दांव खेलने की तैयारी में है. मंगलवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम प्रबंधन परिस्थितियों के अनुरूप अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ उतर सकते हैं. यदि ऐसा होता है तो इसकी सबसे बड़ी कीमत लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को चुकानी पड़ सकती है, जिनकी प्लेइंग इलेवन में जगह खतरे में नजर आ रही है.

पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ गया था, जबकि दूसरे मुकाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में पांच मैचों की सीरीज में बराबरी हासिल करने के लिए तीसरा मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद अहम है. टीम प्रबंधन अब परिस्थितियों के अनुरूप संयोजन चुनने पर अधिक जोर देता नजर आ रहा है.

बिश्नोई के प्रदर्शन ने बढ़ाई मुश्किल
मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में बिश्नोई पूरी तरह लय से बाहर दिखे. उन्होंने तीन बैक-फुट नो-बॉल फेंकी और पारी के 17वें ओवर में 29 रन लुटा दिए. चार ओवरों में बिना विकेट लिए 60 रन खर्च करने वाले बिश्नोई के प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है.

ओल्ड ट्रैफर्ड जैसी परिस्थितियों में अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती के रहते तीसरे विशेषज्ञ स्पिनर की जरूरत नहीं थी. ट्रेंट ब्रिज में तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद को देखते हुए भारतीय टीम अतिरिक्त पेसर के साथ उतर सकती है. ऐसे में प्रिंस यादव मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. नई गेंद से स्विंग कराने और पिच से अतिरिक्त उछाल हासिल करने की उनकी क्षमता इंग्लैंड की परिस्थितियों में भारत के लिए उपयोगी साबित हो सकती है.

हालांकि पिछले मुकाबले में अर्शदीप सिंह ने नई गेंद से दो शुरुआती विकेट समेत तीन सफलताएं हासिल की थीं, लेकिन इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने उनके एक ओवर में 27 रन बटोरकर मैच का रुख बदल दिया. इंग्लैंड ने 191 रनों का लक्ष्य एक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया था.

बीच के ओवरों में फंस रही बल्लेबाजी
गेंदबाजी के साथ-साथ भारतीय बल्लेबाजी को भी अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा. पिछले कुछ महीनों में आईपीएल समेत अधिकतर मुकाबले सपाट विकेटों पर खेलने वाली भारतीय बल्लेबाजी इंग्लैंड की अतिरिक्त उछाल, सीम मूवमेंट और सैम करन की विविधताओं के सामने सहज नहीं दिखी है.

कप्तान श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने उपयोगी पारियां जरूर खेली हैं, लेकिन वे अब तक इंग्लैंड के गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी नहीं हो सके हैं. तिलक वर्मा ने पिछले मुकाबले में अंतिम ओवरों में तेज रन बनाए, मगर बीच के ओवरों में रन गति बनाए रखना भारत की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है. लियाम डॉसन, विल जैक्स और आदिल राशिद ने अपनी धीमी गति और विविधताओं से भारतीय बल्लेबाजों को लगातार बांधे रखा है.

भारत ने दूसरे टी20 में 190 रन बनाए, लेकिन यह स्कोर इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी के सामने पर्याप्त साबित नहीं हुआ. भारतीय बल्लेबाजों में केवल अभिषेक शर्मा ही अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली में नजर आए. उन्होंने 24 गेंदों पर 43 रन बनाकर शुरुआत तो शानदार दी, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला.

अभिषेक और वैभव पर रहेंगी निगाहें
ट्रेंट ब्रिज की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर एक बार फिर अभिषेक शर्मा और युवा वैभव सूर्यवंशी से तेज शुरुआत की उम्मीद होगी. डेब्यू का दबाव पीछे छोड़ चुके वैभव इस बार अधिक बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करने की कोशिश करेंगे. यदि दोनों सलामी बल्लेबाज पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने में सफल रहते हैं तो भारत बड़े स्कोर की नींव रख सकता है.

दूसरी ओर, भारतीय स्पिन आक्रमण की अगुआई कर रहे वरुण चक्रवर्ती भी टी20 विश्व कप के बाद वाली धार नहीं दिखा सके हैं. उनकी गेंदों में पहले जैसा छल और गति में बदलाव नजर नहीं आया, जिसका फायदा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने उठाया.

ट्रेंट ब्रिज की पुरानी यादें बदलना चाहेगा भारत
भारत ने पिछली बार 2022 में ट्रेंट ब्रिज में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था. उस मैच में सूर्यकुमार यादव ने 48 गेंदों पर शानदार शतक जड़ा था, लेकिन उनकी विस्फोटक पारी भी भारत को हार से नहीं बचा सकी थी. इस बार भारतीय टीम उस याद को पीछे छोड़ते हुए सीरीज में बराबरी हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी.

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