नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच शांति बहाल करने को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं से फोन पर बातचीत की। इन वार्ताओं में पीएम मोदी ने भारत की स्थिति स्पष्ट की, जिसमें बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देकर तनाव कम करने व शांति-स्थिरता बहाल करने पर जोर दिया गया। उन्होंने ऊर्जा ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की, क्योंकि ऐसे हमले क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाते हैं और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। प्रधानमंत्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित आवागमन के महत्व पर बल दिया। ओमान के सुल्तान से बातचीत में उन्होंने ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा दोहराई। साथ ही, भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग में इन बातचीतों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इन 5 विश्व नेताओं से पश्चिम एशिया के संघर्ष पर भारत का रुख रखा, जिसमें डी-एस्केलेशन के लिए संवाद और कूटनीति को सबसे जरूरी बताया। ऊर्जा ढांचे पर हमलों को अस्वीकार्य करार देते हुए कहा गया कि ऐसे कदम एनर्जी सप्लाई को और अस्थिर बनाते हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित नौवहन सभी नेताओं ने समर्थन दिया, क्योंकि यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है। ये प्रयास भारत की सक्रिय भूमिका को दर्शाते हैं, जहां वह संघर्ष को रोकने और शांति बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ तालमेल कर रहा है।
सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी
इस बीच, पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। संयुक्त सचिव (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि 18 मार्च को रियाद में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु की दुखद सूचना मिली है। मंत्रालय ने शोक व्यक्त किया और परिवार से गहरा संवेदना जताई। भारतीय मिशन रियाद में परिवार के संपर्क में है और शव को भारत लाने के लिए सऊदी अधिकारियों से समन्वय कर रहा है। कुल 6 भारतीय नागरिक विभिन्न घटनाओं में मारे गए हैं, जबकि एक लापता है। सऊदी अरब, ओमान, इराक और यूएई में भारतीय मिशन लापता व्यक्ति की तलाश व मृतकों के शवों को लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं।
इसके अलावा, समुद्री हमलों से प्रभावित भारतीय चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित वापसी हो रही है। एमटी सफेसी विष्णु के 15 भारतीय क्रू सदस्यों को इराक से बचाया गया, जो कल सऊदी अरब से भारत लौटने वाले हैं। इसी तरह, एमवी एमकेडी व्योम पर 16 और एमटी स्काईलाइट पर 8 भारतीय नाविकों सहित 24 को ओमान से बचाकर पहले ही भारत पहुंचाया जा चुका है। ये घटनाएं क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाती हैं, जहां भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा और वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। विदेश मंत्रालय लगातार निगरानी और तालमेल में लगा हुआ है।

