10वीं-12वीं के छात्रों की बढ़ी टेंशन, इंटरनल मार्क्स न भरने से रिजल्ट पर खतरा

भोपाल

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम 15 अप्रैल को जारी करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन इस बार प्राचार्यों की लापरवाही के कारण देरी की आशंका बढ़ गई है। कई स्कूलों ने प्रायोगिक परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन के अंक अब तक ऑनलाइन दर्ज नहीं किए हैं।

मंडल द्वारा पहले 12 मार्च तक अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की समय-सीमा तय की गई थी, लेकिन कार्य पूरा नहीं होने पर इसे बढ़ाकर 29 मार्च कर दिया गया है।

मंडल की सख्त चेतावनी

मंडल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालय निर्धारित समय-सीमा तक हर हाल में अंक ऑनलाइन दर्ज करें, ताकि परिणाम समय पर जारी हो सके।

सचिव द्वारा जारी पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि 29 मार्च तक अंक प्रविष्ट नहीं किए गए, तो संबंधित विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन का कॉलम रिक्त छोड़कर ही परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके बाद किसी प्रकार का संशोधन या पुनः प्रविष्टि की अनुमति नहीं होगी।

परिणाम प्रक्रिया पर असर

मंडल इस वर्ष अप्रैल के दूसरे सप्ताह में परिणाम जारी करना चाहता है, क्योंकि द्वितीय बोर्ड परीक्षा 7 मई से शुरू होनी है। लेकिन आंतरिक अंकों की प्रविष्टि में देरी से परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

स्कूल स्तर पर होता है मूल्यांकन

मंडल ने तीन वर्ष पहले परीक्षा पद्धति में बदलाव करते हुए लिखित परीक्षा के साथ प्रायोगिक और प्रोजेक्ट कार्य को शामिल किया था। 100 अंकों में 80 अंक लिखित परीक्षा और 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होते हैं।

ये आंतरिक अंक स्कूल स्तर पर तैयार किए जाते हैं और उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि की जिम्मेदारी प्राचार्यों की होती है। मंडल अधिकारियों के अनुसार कई जिलों के स्कूलों ने अभी तक यह कार्य पूरा नहीं किया है।

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