चयन ट्रायल विवाद: विनेश फोगाट को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का अहम आदेश, सरकार और WFI को नोटिस

 नई दिल्ली

 दिल्ली हाईकोर्ट ने एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की मांग को लेकर पहलवान विनेश फोगाट को तुरंत शामिल होने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है।

न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि दूसरे पक्ष (डब्ल्यूएफआई) को सुने बिना उन्हें 30 और 31 मई को होने वाले ट्रायल में भाग लेने की अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति ने मामले की सुनवाई करते हुए डब्ल्यूएफआई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।

डब्ल्यूएफआई को मिले निर्देश
अदालत ने डब्ल्यूएफआई को निर्देश दिया कि विनेश को जारी कारण बताओ नोटिस पर छह जुलाई तक निर्णय लेकर उसे रिकार्ड पर पेश किया जाए। कोर्ट ने विनेश को कारण बताओ नोटिस का विस्तृत जवाब दाखिल करने की भी अनुमति दी। सुनवाई के दौरान विनेश की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मातृत्व अवकाश पर गई महिला खिलाड़ियों की रैंकिंग और स्थिति सुरक्षित रखी जाती है, लेकिन डब्ल्यूएफआई की नई नीति के तहत उन्हें ट्रायल से बाहर कर दिया गया।

उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि विनेश को एशियन गेम्स ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी जाए। इस पर अदालत ने कहा कि आपको पहले ही अयोग्य घोषित किया जा चुका है। दूसरे पक्ष को सुने बिना अदालत ऐसी राहत कैसे दे सकती है, मामले में प्रतिस्पर्धी हित हैं। एक तरफ आपका पक्ष है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय हित भी जुड़ा हुआ है।

जो दिख रहा है उससे कहीं अधिक है
विनेश की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि नौ मई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और अगले ही दिन गोंडा में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक दिया गया। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मामले में जो दिख रहा है, उससे कहीं अधिक है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई छह जुलाई को तय की है।

डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया है। डब्ल्यूएफआई का कहना है कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों पर एंटी-डोपिंग नियमों के तहत छह माह की अनिवार्य नोटिस अवधि लागू होती है। हालांकि, प्रतिबंध के बावजूद विनेश गोंडा में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में पहुंची थीं।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *