कम जगह, ज्यादा उत्पादन: हाइड्रोपोनिक्स से टेरेस गार्डन को बढ़ावा

रायपुर.

छत्तीसगढ़ वन निगम की पहल

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाइड्रोपोनिक्स पद्धति पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन नया रायपुर आवासीय परिसर, सेक्टर-26 में विगत दिनों किया गया। इस कार्यशाला में मिट्टी के बिना फल एवं सलाद सब्जियों के उत्पादन तथा टेरेस गार्डन की स्थापना पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन निगम के प्रबंध संचालक श्री प्रेम कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें सीमित स्थान में अधिक उत्पादन का अवसर देती हैं और पर्यावरण संरक्षण के साथ आय बढ़ाने में भी सहायक हैं। यह पहल शासकीय योजनाओं के अनुरूप आधुनिक कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यशाला में हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक श्री जावेद आलम ने प्रतिभागियों को इस पद्धति के मूल सिद्धांत, टेरेस गार्डन की स्थापना, मृदा-रहित खेती की तकनीक तथा न्यूट्रिशन फ्लो टेक्नीक (एनएफटी) विधि के बारे में सरल तरीके से जानकारी दी। साथ ही व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया। इसके अलावा हाइड्रोपोनिक्स नर्सरी की स्थापना और प्रबंधन पर भी प्रशिक्षण दिया गया, जिससे प्रतिभागी इस तकनीक को आसानी से अपनाने के लिए प्रेरित हुए। कार्यशाला में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस पहल की सराहना की।

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की यह पहल आधुनिक, कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे भविष्य में उत्पादकता बढ़ने के साथ-साथ नए आय के अवसर भी सृजित होने की संभावना है।

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