रांची.
केंद्र प्रायोजित योजना मिशन वात्सल्य के तहत संचालित संस्थाओं में विभिन्न रिक्त पदों पर अनुबंध पर नियुक्ति होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत झारखंड बाल संरक्षण संस्था में लेखाधिकारी, लेखापाल तथा लेखा सहायक के एक एक पद पर नियुक्ति की जाएगी।
इसी तरह, राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन अभिकरण में कार्यक्रम प्रबंधक तथा कार्यक्रम सहायक के एक-एक पद पर नियुक्ति होगी। सभी पद अनारक्षित हैं। इन पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन झारखंड सरकार के रेक्रूटमेंट पोर्टल रिक्रूटमेंट डॉट झारखंड डॉट जीओवी डॉट इन (https://recruitment.jharkhand.gov.in/) पर भरे जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 19 अप्रैल निर्धारित की गई है।
सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में जेएसएससी से मांगा जवाब
दूसरी ओर, झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में सहायक आचार्य नियुक्ति से संबंधित मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को कड़ी फटकार लगाई।
अदालत ने आयोग को मामले जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सहायक आचार्य पद के लिए एक सीट आरक्षित रखने का आदेश भी दिया है। इस संबंध में प्रार्थी विनोद कुमार साहू की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने अदालत को बताया गया कि प्रार्थी के पास दो टीईटी (टेट) प्रमाणपत्र हैं। वर्ष 2013 में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे, जबकि वर्ष 2016 के टीईटी में उनके अंक 60 प्रतिशत से कम थे।
आरोप है कि जेएसएससी ने 2016 के प्रमाण पत्र को आधार बनाते हुए दस्तावेज सत्यापन में सफल होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी। प्रार्थी की ओर से यह भी दलील दी गई कि टीईटी प्रमाणपत्र की वैधता पहले पांच वर्षों तक सीमित थी, लेकिन वर्ष 2022 में इसे आजीवन मान्य कर दिया गया। इसके बाद अनारक्षित श्रेणी के अंतिम चयनित अभ्यर्थी से अधिक अंक होने के बाद भी प्रार्थी को नियुक्ति से वंचित रखा गया।

