नई दिल्ली
सोना-चांदी की कीमतों में एक बार फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है और दोनों कीमती धातुएं दो दिनों से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो रही हैं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही अचानक चांदी की वायदा कीमत में फिर बड़ी गिरावट आ गई. महज दो दिनों में ही ये कीमती धातु 22000 रुपये सस्ती हो गई है. दूसरी ओर से सोना भी काफी सस्ता हो गया है और 10 Gram 24 Karat Gold Rate गिरकर 1.46 लाख रुपये पर आ गया है।
खुलते ही 8000 रुपये टूटी चांदी
MCX पर चांदी की कीमत में आई गिरावट पर नजर डालें, तो 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली सिल्वर का प्राइस बीते कारोबारी दिन टूटते हुए 2,37,572 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और शुक्रवार को कारोबार की ओपनिंग के साथ ही ये फिसलकर 2,29,561 रुपये प्रति किलो पर आ गया. ऐसे में एक झटके में 1 Kg Silver 8,011 रुपये सस्ती हो गई।
Silver दो दिन में 22000 रुपये सस्ती
चांदी की वायदा कीमत में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को भी बड़ी गिरावट आई थी और ये कारोबार के अंत तक फिसलती रही थी. इस हिसाब से अगर दो दिनों में आई गिरावट को देखें, तो चांदी की कीमत बुधवार को 2,51,807 रुपये पर क्लोज हुई थी और ये गुरुवार को 2,37,572 रुपये, जबकि शुक्रवार को 2,29,561 रुपये पर आ गई. ऐसे में चांदी दो दिन में ही 22,246 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है।
Gold Rate में इतनी गिरावट
चांदी के बाद बात करें सोने की वायदा कीमत के बारे में, तो ये भी Silver Price के कदम से कदम मिलाकर चल रही है और लगातार टूटती नजर आई है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold का भाव खुलने के साथ ही गिरकर 1,46,252 रुपये के लेवल पर आ गया, जो बीते कारोबारी दिन 1,49,309 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था. यानी सोना अचानक 3,057 रुपये सस्ता हो गया।
हाई से कितना टूट गया सोना?
बीते दो कारोबारी दिनों में सोने की कीमत में आई गिरावट की बात करें, तो 17 जून को 10 ग्राम सोने का भाव 1,53,879 रुपये था और यहां से ये कीमती पीली धातु 7,627 कमजोर हो गई है. वहीं अगर हाई लेवल से तुलना करें, तो बीते जनवरी महीने में वायदा सोने की कीमत पहली बार 2 लाख रुपये के पार निकली थी और इस एक्सपायरी वाले वायदा सोना का हाई 2,04,375 रुपये है, जिससे अब गोल्ड 58,123 रुपये सस्ता मिल रहा है।
अचानक क्यों बिखरने लगे सोना-चांदी?
Gold Silver Rate Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो ये अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल, US Fed ने जून 2026 की बैठक रेपो रेट को स्थिर रखने का ऐलान किया है यानी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया और ये 3.50% से 3.75% के दायरे में हैं. ही बरकरार रखा है, लेकिन फेड अधिकारियों ने महंगाई बढ़ने की चिंता जताते हुए आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका जताई है, जिसका असर सोने चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिला है।
(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

