सोने ने बदली चाल, चांदी में जबरदस्त उछाल, आज के लेटेस्ट रेट की जानकारी

इंदौर 

 साल 2026 की शुरुआत भारतीय सर्राफा बाजार के लिए काफी हलचल भरी रही है। जहाँ साल 2025 में कीमती धातुओं की कीमतों ने आसमान छुआ था, वहीं नए साल के दूसरे दिन यानी 2 जनवरी 2026 को बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। आज सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट आई है।

आज भारत में सोने और चांदी की कीमतें 

पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की चाल लगभग एक जैसी बनी हुई थी, लेकिन आज यह सिलसिला टूट गया। शुक्रवार को देश में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत ₹1,36,764 रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास रही। वहीं, 22 कैरेट सोना, जिसका उपयोग गहने बनाने में सबसे ज्यादा होता है, ₹1,25,367 रुपये के स्तर पर पहुँच गया।
दूसरी ओर, चांदी के खरीदारों के लिए थोड़ी राहत की खबर है। आज एक किलो चांदी का भाव गिरकर 2,37,900 रुपये हो गया है। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल फैक्टर्स और औद्योगिक मांग में बदलाव के कारण चांदी की कीमतों में यह नरमी देखी जा रही है।

एमसीएक्स पर सोना हुआ मजबूत

शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर सोने का भाव 0.63 फीसदी यानी 856 रुपये की तेजी के साथ 1,36,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। अच्छी हाजिर मांग और वैश्विक संकेतों के चलते निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है। अनिश्चित वैश्विक हालात में सोना एक बार फिर सेफ हैवन एसेट बनकर उभरा है।

चांदी में जबरदस्त उछाल

आज चांदी की कीमतों में भी रिकॉर्डतोड़ तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी का भाव 2.76 फीसदी या 6,502 रुपये की छलांग के साथ 2,42,375 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इंडस्ट्रियल डिमांड और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले मजबूत संकेतों ने चांदी को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख

वैश्विक स्तर पर कॉमेक्स पर सोना 1.07 फीसदी या 46.60 डॉलर की तेजी के साथ 4,387.70 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं चांदी ने भी शानदार प्रदर्शन किया और कॉमेक्स पर इसका भाव 3.47 फीसदी बढ़कर 73.05 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया। सिल्वर स्पॉट में भी 2.48 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई।

निवेशकों के लिए संकेत

विशेषज्ञों के मुताबिक डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं आगे भी सोने-चांदी को सपोर्ट दे सकती हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आने वाले वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है।

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