पटना
एशिया के प्रमुख उद्योगपति गौतम अदाणी ने कहा कि बिहार की प्रगति के लिए अदाणी सूमह 50-60 हजार करोड़ निवेश करेगा। बिजली, सड़क, शिक्षा, स्कूल और विश्वविद्यालय के क्षेत्र में भी अदाणी समूह कार्य करेगा। सरकार को सहयोग कर बिहार की प्रगति को बढ़ावा देने के लिए जो भी संभव हो किया जाएगा। गौतम अदाणी ने कहा कि यह निवेश बिहार में सड़क, शिक्षा, ऊर्जा, मल्टी मोडल लॉजिस्टिक हब के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में किया जाएगा। इससे बिहार विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर होगा। बिहार में संसाधन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सड़क एवं औद्योगीकरण की जरूरत है। हर घर में 24 घंटे किफायती दर पर बिजली की जरूरत है। अब बिहार विकसित होगा।
रविवार की सुबह करीब 11 बजे सारण जिले के दरियापुर प्रखंड अंतर्गत मस्तीचक स्थित अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में अदाणी पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रस्तावित “अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल – अदाणी सेंटर फॉर आई डिजीज़ेस” और “अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल – अदाणी ट्रेनिंग सेंटर फॉर ऑप्थेल्मिक
मेडिसिन” का भूमि पूजन और शिलान्यास किया।
वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच संपन्न हुए इस कार्यक्रम में भक्ति, सेवा और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का अनोखा संगम देखने को मिला।बिहार के सारण में बनने वाला यह अत्याधुनिक संस्थान नेत्र चिकित्सा, रिसर्च और मेडिकल प्रशिक्षण के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाएगा। यहां मरीजों को आधुनिक उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसे बिहार सहित पूर्वी भारत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
“यह तो बहुत अच्छा है…” प्रतिमा देख ठहर गए गौतम अदाणी
अस्पताल परिसर में स्थापित पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की भव्य प्रतिमा ने गौतम अदाणी का विशेष ध्यान खींचा। प्रतिमा के सामने वे कुछ पल के लिए रुक गए और उसे गौर से निहारते रहे। आध्यात्मिक वातावरण से प्रभावित होकर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “यह तो बहुत अच्छा है।” उनके इस आत्मीय भाव ने वहां मौजूद लोगों को उत्साहित कर दिया। इसके बाद उन्होंने गायत्री मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की।
शंख, नगाड़े और स्वागत गीत से गूंज उठा परिसर
डॉ. प्रीति अदाणी के साथ पहुंचे गौतम अदाणी का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि शंखध्वनि और नगाड़ों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। अस्पताल के सीईओ और एक्जीक्यूटिव ट्रस्टी मृत्युंजय तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और अस्पताल परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भूमि-पूजन
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों से लाए गए गंगाजल और पवित्र मिट्टी को पूजन स्थल पर अर्पित किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार ईंट रखकर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। इसके बाद गौतम अदाणी ने शिलापट्ट का अनावरण किया। आयोजन के दौरान पूरा परिसर श्रद्धा और उत्साह से सराबोर दिखा।
नेत्र स्वास्थ्य और ग्रामीण सेवा अभियान को मिलेगी नई दिशा
कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और कौशल विकास से जुड़ी नई योजनाओं की भी आधारशिला रखी गई। अस्पताल की ओर से मरीजों की चिकित्सा और परिवहन सुविधा के लिए दस बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। बताया गया कि ‘सेवा ही साधना है’ के उद्देश्य के साथ यह अभियान ग्रामीण इलाकों तक बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह में प्रणव अडाणी, एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन रवि कांत, क्लिनिकल एवं रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राजवर्धन आज़ाद और मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अजीत कुमार पोद्दार, अखंड ज्योति आई अस्पताल के सीईओ मृत्युंजय तिवारी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि यह परियोजना लाखों जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित होगी और बिहार को नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

