एमपी में सार्थक ऐप का फर्जीवाड़ा: 170 डॉक्टरों ने की हाजिरी की धांधली, बैतूल में 5 डॉक्टरों ने 200 किमी दूर से लगाई हाजिरी

 बैतूल 

मध्यप्रदेश के बैतूल में सार्थक ऐप पर 5 डॉक्टरों ने फर्जी हाजिरी लगाई। उन्होंने अपने कार्यस्थल से 150 और 200 किलोमीटर दूरी पर बैठकर यह सब किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे ने ऐसा करने वाले डॉ. राहुल सिंह गहलोत जैसे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इन डॉक्टरों ने कैमरा ट्रिक और फोटो एडिटिंग का सहारा लेकर यह दर्शाया कि वे अस्पताल में मौजूद हैं, जबकि उनकी जीपीएस लोकेशन ड्यूटी स्थल से काफी दूर पाई गई।

सीएमएचओ कार्यालय ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी और वरिष्ठ चिकित्सकों की तीन सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

सुबह 9 के बाद दर्ज करानी होती है लोकेशन सार्थक ऐप पर कर्मचारियों को सुबह 9 से 11:30 बजे के बीच रेटिना स्कैन और जीपीएस लोकेशन के साथ हाजिरी दर्ज करनी होती है। इसके पांच घंटे बाद फिर से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य है, ताकि कार्यस्थल पर कर्मचारी की वास्तविक मौजूदगी सुनिश्चित हो सके। ऐसा न होने पर उस दिन की आधी ड्यूटी मानी जाती है या वेतन काटा जा सकता है।

स्वास्थ्य संचालनालय की जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश के 48 जिलों में 170 बॉन्डेड डॉक्टरों ने बिना ड्यूटी आए ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कर्मचारियों ने कहा- नेटवर्क की दिक्कत, सिस्टम अव्यवहारिक कई कर्मचारी इस सिस्टम को अव्यवहारिक बताते हुए कहते हैं कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऐप पर हाजिरी दर्ज करने में कठिनाई होती है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि तकनीकी सीमाएं फर्जीवाड़े का बहाना नहीं बन सकतीं।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *