Headlines

फर्जी कॉल्स पर लगेगी लगाम! स्पैम नियम तोड़ने वाली टेलीकॉम कंपनियों पर जुर्माना लगा सकेगा TRAI

अगर आप फर्जी कॉल्स और अनजान मैसेजेस से परेशान रहते हैं, तो अब केंद्र सरकार की ओर से आपको बड़ी राहत मिल सकती है। दरअसल सरकार नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली टेलीकॉम कंपनियों पर सीधे जुर्माना लगाने का अधिकार TRAI यानी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण को दे सकती है। अभी तक नियमों का पालन करवाने और जुर्माना लगाने के लिए TRAI के रास्ते में कई तरह की कानूनी और टेक्निकल अड़चनें आ रहीं थी।

इसके अलावा जनता की शिकायतें भी रिकॉर्ज स्तर पर पहुंच चुकी हैं। ऐसे में दूरसंचार मंत्रालय व्यवस्था को सख्त बनाने में जुटी है।

TRAI को मिलेंगी शक्तियां
फिलहाल कोई टेलीकॉम कंपनी स्पैम कॉल्स से जुड़े नियमों का उल्लंघन करती है, तो TRAI सीधे जुर्माना लगाने की जगह इसकी सिफारिश दूरसंचार विभाग को कर सकता था। हालांकि कानूनी पेंचों के चलते कंपनियां अक्सर जुर्माने से बच निकलती थीं या TDSAT में जाकर आदेशों पर स्टे पा लेती थीं।

अब सरकार इस चोर रास्ते को खत्म करते हुए TRAI को ऐसी शक्तियां देने पर काम कर रही है, जिससे कंपनियों पर जुर्माना लगाने का अधिकार सीधे TRAI को मिल जाएगा।

स्पैम-कॉल्स को लेकर बढ़ी शिकायतें
    आंकड़ों पर नजर डालें, तो 2022 के बाद से अनचाहे कॉल्स और मैसेजेस के खिलाफ शिकायतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसमें 82% शिकायतें बिना रजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स के खिलाफ दर्ज हुई हैं।
    रिपोर्टके अनुसार 2023 में जहां 13.62 लाख शिकायतें आई थीं, वहीं 2024 में शिकायतों का आंकड़ा 19.38 लाख को पार गया। इसी तरह 2025 में यह बढ़कर 31.09 लाख पहुंच गया था।
    गौर करने वाली बात है कि इस साल के पहले 6 महीनों में ही स्पैम कॉल्स को लेकर 20.75 लाख से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं। यह पिछले साल दर्ज हुई शिकायतों का 66 प्रतिशत हिस्सा है।​

कनेक्शन कटना हुए कम
जहां एक तरह स्पैम कॉल्स को लेकर शिकायतें बढ़ी हैं, वहीं इन कॉल्स में इस्तेमाल होने वाले नंबरों को काटने की कार्रवाई में कमी आई है। आंकड़ों के नजरिए से अगस्त से दिसंबर 2024 में 9.21 लाख फर्जी कनेक्शन काटे गए थे।

2025 में यह संख्या सिर्फ 1.94 लाख रह गई। इसी तरह 2026 की पहली छमाही में सिर्फ 79 हजार कनेक्शन ही बंद हुए हैं।

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *