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झारखंड में सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पर जोर, आईटी पार्क से खुलेंगे नए अवसर

 रांची
राज्य में पहला आईटी पार्क बनाने के लिए सूचना एवं प्रद्योगिकी विभाग (आईटी) की टीम बेंगलुरु के आईटी पार्क का दौरा करेगी और इससे संबंधित रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

अक्टूबर में ही यह प्रक्रिया पूर्ण की जानी है। बेंगलुरु की तरह ही झारखंड में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर विकसित कर वर्ष 2029 तक उसे कार्यशील बनाने के लिए सरकार ने योजना बनाई है।

बेंगलुरु जाने वाली टीम में विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हैं। आईटी इको सिस्टम, वहां के निवेश मॉडल के अध्ययन के साथ राज्य सरकार के अधिकारी रांची के आईटी पार्क के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधि से भी मुलाकात करेंगे।

रांची में विधानसभा के करीब 100 एकड़ भूमि में यह आईटी पार्क स्थापित किया जाना है। अगले दो सालों में इसका पहला चरण प्रारंभ होगा, जिसमें 20 हजार के करीब नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग के लिए राज्य में बड़ी संभावना
पिछले दिनों गूगल, माइक्रोसाफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ आईटी विभाग के सचिव समेत अन्य अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें झारखंड में सेमिकंडक्टर डिजाइनिंग की संभावना पर चर्चा हुई है।

पड़ोसी राज्य ओडिशा में एक मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार है और सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए कंपनियां काम कर रही हैं।

झारखंड में रेयर अर्थ मिनरल्स की मौजूदगी का वजह से इसके लिए संसाधन की उपलब्धता है। इसके अलावा न्यूक्लियर एनर्जी के लिए भी कई निवेशकों ने आरंभिक सहमति दी है।

बेंगलुरु दौरे से लौटने के बाद रांची में देशभर के दूसरे आईटी कंपनियों के प्रतिनिधि का एक सम्मेलन भी आयोजित होगा जो निवेश की संभावना पर चर्चा करेगा।

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