नई आबकारी नीति का असर, मानसा में शराब बिक्री से रिकॉर्ड राजस्व की उम्मीद

चंडीगढ़
पंजाब के मानसा जिले में नई आबकारी नीति के लागू होने के बाद शराब ठेकों की बोली में इस बार उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2026-27 के लिए हुई नीलामी में ठेकों की कुल कीमत 204 करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक पहुंच गई है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा लगभग 192 करोड़ रुपये था, जिससे साफ है कि सरकार के राजस्व में इस बार अच्छी बढ़ोतरी होने जा रही है।

तीनों जोन में बढ़ी बोली की रकम
जिले के तीन प्रमुख जोनों—मानसा सिटी-1, सिटी-2 और बुढलाडा—में ठेकों की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। सिटी-1 क्षेत्र में जहां पिछले साल बोली करीब 65 करोड़ रुपये थी, वहीं इस बार यह बढ़कर 69 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। इसी तरह सिटी-2 में 66 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ रुपये और बुढलाडा में 61 करोड़ से बढ़कर लगभग 65 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

पुराने ग्रुप का दबदबा कायम
इस बार भी जिले के सभी शराब ठेके किसी नए कारोबारी के पास नहीं गए, बल्कि पहले से स्थापित भीम सेन एंड ग्रुप ने ही इन्हें हासिल किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में पुराने खिलाड़ियों की पकड़ अब भी मजबूत बनी हुई है।

कीमतों और ओवरचार्जिंग पर लोगों की नाराजगी
शराब की कीमतों में वृद्धि को लेकर आम लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि बोतलों पर अंकित कीमत से अधिक वसूली की जाती है, जो एक बड़ी समस्या बनी हुई है। उपभोक्ताओं की मांग है कि अन्य उत्पादों की तरह शराब पर भी तय मूल्य का सख्ती से पालन कराया जाए।

सरकार को बड़ी आमदनी की उम्मीद
नई नीति के तहत हुई इस बढ़ोतरी से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बढ़ती कीमतों और उपभोक्ता असंतोष के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस संतुलन को कैसे बनाए रखती है।

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