चंबा में 2.6 तीव्रता का भूकंप, 22 अगस्त तक बारिश का दौर; 118 सड़कें बंद

चम्बा
हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में रविवार सुबह एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह 5 बजकर 4 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.6 दर्ज की गई। भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। खास बात यह है कि दो दिन पहले शुक्रवार को भी चम्बा में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए थे। लगातार आ रहे झटकों के बीच अब मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिन भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 17 और 18 अगस्त को मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। 17 अगस्त के लिए बिलासपुर, चम्बा, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने इन जिलों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ जैसे हालात और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है। लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा हमीरपुर, ऊना, कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर और लाहौल-स्पीति जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में बारिश का सिलसिला 22 अगस्त तक जारी रह सकता है।

भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने का खतरा
18 अगस्त को भी कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। इस दिन ऊना, चम्बा और कांगड़ा जिलों के लिए ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा। 19 से 22 अगस्त तक भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

कहां हुई सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा जिले के धर्मशाला एडब्ल्यूएस में 110 मिलीमीटर और धर्मशाला में 100 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। पालमपुर और जोगिन्दरनगर में 50-50 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला समेत कई इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पर असर दिखाई दे रहा है।

आज सुबह तक कितनी सड़कें रहीं बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार रविवार दोपहर तक भूस्खलन और मलबा आने से प्रदेश में 118 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी जिले में सबसे अधिक 48 सड़कें अवरुद्ध रहीं। कुल्लू में 32, चम्बा में 11, सिरमौर में 8 और शिमला में 7 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। इसके अलावा प्रदेश में 217 पेयजल योजनाएं और 55 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित रहे। मंडी जिले के थुनाग, करसोग, बग्गी, मंडी, पद्धर और सुंदरनगर क्षेत्रों में 209 पेयजल योजनाएं बंद रहीं। वहीं गोहर और करसोग में 12 तथा शिमला जिले के रामपुर और चौपाल क्षेत्रों में 43 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। प्रशासन और संबंधित विभाग बहाली कार्य में जुटे हुए हैं।

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