नई दिल्ली
नोएडा और आसपास के इलाकों में बढ़ती गर्मी ने अब स्कूलों की दिनचर्या तक बदल दी है। गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने हालात को देखते हुए सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब तापमान लगातार ऊपर जा रहा है और ‘लू’ चलने का खतरा भी बढ़ गया है। छोटे बच्चों पर इसका असर जल्दी पड़ता है, इसलिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है।
नई टाइमिंग क्या है और कब से लागू होगी
जारी आदेश के मुताबिक, अब जिले के सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ही चलेंगे। यह नया शेड्यूल 27 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है और अगली सूचना तक जारी रहेगा। इसका मकसद साफ है कि बच्चों को दोपहर की तेज धूप और खतरनाक गर्मी से दूर रखा जा सके। सुबह के समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है, जिससे बच्चों के लिए स्कूल जाना सुरक्षित रहेगा।
किन-किन स्कूलों पर लागू होगा आदेश
यह आदेश सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है। जिले में चल रहे सभी स्कूलों पर यह नियम लागू होगा, चाहे वे निजी हों या किसी भी बोर्ड से जुड़े हों। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी और यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी संस्थान शामिल हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का पालन करना हर स्कूल के लिए जरूरी है।
लू और हीटवेव का बढ़ता खतरा
उत्तर भारत में गर्मियों के दौरान ‘लू’ यानी गर्म और सूखी हवाएं चलना आम बात है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग लगातार चेतावनी दे रहा है कि दोपहर के समय बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में स्कूल जैसे जगह, जहां बड़ी संख्या में बच्चे एक साथ मौजूद होते हैं, खासतौर पर संवेदनशील माने जाते हैं। इसी वजह से प्रशासन ने समय बदलकर जोखिम कम करने की कोशिश की है।
दिल्ली स्कूलों में भी सख्त कदम
गर्मी से निपटने के लिए दिल्ली के स्कूलों में भी कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। वहां ‘वॉटर बेल’ सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें हर 45 से 60 मिनट के बीच बच्चों को पानी पीने की याद दिलाई जाती है। इसके अलावा, खुले मैदान में होने वाली असेंबली और आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। स्कूलों को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया है, जो इन नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा।
बच्चों के लिए जरूरी सावधानियां
गर्मी के इस मौसम में सिर्फ टाइमिंग बदलना ही काफी नहीं है, बल्कि बच्चों को खुद भी कुछ सावधानियां अपनानी होंगी। जैसे कि ज्यादा पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप में ज्यादा देर तक न रहना। स्कूलों में भी इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि बच्चे डिहाइड्रेशन से बचें और किसी भी तरह की तबीयत खराब होने पर तुरंत जानकारी दें।
आगे क्या हो सकता है फैसला
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर गर्मी और बढ़ती है तो आगे और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं अगर मौसम में राहत मिलती है, तो स्कूलों के समय को फिर से सामान्य किया जा सकता है। फिलहाल प्राथमिकता बच्चों की सेहत और सुरक्षा को दी जा रही है।

