वाशिंगटन
अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सैन्य उपयोग में इस्तेमाल किए जाने को लेकर सरकार और Anthropic कंपनी के बीच टकराव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि देश के सभी फ़ेंडरल एजेंसियां अब इस तकनीक का इस्तेमाल नहीं करेगी. अमेरिका को इसकी ज़रूरत नहीं है. राष्ट्रपति ने इसके उपयोग पर तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी सरकार को इस तकनीक की ज़रूरत नहीं है और फ्यूचर में इस कंपनी के साथ बिज़नेस नहीं करेगा. हालांकि, रक्षा विभाग से जुड़ी एजेंसियों को छह महीने का चरणबद्ध समय दिया गया है. ये समय इसलिए दिया गया है ताकि इसके अल्टरनेट ऑप्शन ढूंढ़े जा सकें.
Anthropic के सीईओ डारियो अमोदेई ने साफ किया कि उनकी कंपनी अपने Claude AI सिस्टम से सुरक्षा उपाय हटाने का विचार नहीं रखती. उन्होंने कहा है कि कुछ उपयोग जैसे पूरी तरह ख़ुद से चलने वाली हथियार सिस्टम या बड़े पैमाने पर घरेलू निगरानी नैतिक और तकनीकी सीमाओं को पार करते हैं, इसलिए ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी. अमोदेई ने यह भी जोर दिया कि कंपनी एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को प्राथमिकता देती है.
हालांकि, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कंपनी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक 'सप्लाई-चेन रिस्क' के रूप में घोषित कर दिया है. उन्होंने अपनी घोषणा में कहा कि अब कोई भी अमेरिकी सेना के साथ काम करने वाला ठेकेदार या साझेदार Anthropic के साथ व्यावसायिक गतिविधि नहीं कर सकेगा. यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसके तहत सरकार ने Anthropic के साथ अपने सभी संबंधों को सीमित करने का कदम उठाया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा और कार्यकारी अधिकार के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि Anthropic के कामकाज से अमेरिकी सैनिकों और देश की सुरक्षा पर जोखिम उत्पन्न हो सकता है. हालांकि प्रशासन ने इस विवाद के पीछे के विस्तार से कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह साफ है कि यह कदम अमेरिकी सरकार और प्रमुख एआई डेवलपर के बीच बढ़ती तनातनी और बदलते रिश्तों का परिचायक है.

