Headlines

विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा: ओपी चौधरी बोले— GST 2.0 भारत का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार

रायपुर.

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज वित्तमंत्री ओपी चौधरी के विभागों के अनुदान मांगों पर चर्चा हुई. वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा, हाउसिंग बोर्ड 700 करोड़ के कर्ज में दबा हुआ था. आज कर्ज मुक्त हो गया है. 10-15 साल से बिके नहीं थे उसे बेचने का काम किया गया है. 210 करोड़ के 1400 मकान और दुकान बेचे गए. यब वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाकर किया गया है.

इससे हाउसिंग बोर्ड को फायदा हुआ है. हाउसिंग बोर्ड के प्रोजेक्ट को डिमांड आधारित बनाने का काम किया गया है. 3 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है. 33 में से 27 जिलों में प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है. वित्तमंत्री चौधरी ने कहा, पर्यावरण को लेकर भी सरकार चिंतित है. इस पर हम लगातार काम कर रहे हैं. फ्लाईएस का परिवहन हो, वायु प्रदूषण हो, इसे रोकने का काम किया गया है. उन्होंने कहा, नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. बीते 2 वर्षों में नवा रायपुर में तीन राष्ट्रीय स्तर के संस्थान खुलने वाला है. आज का दिन ऐतिहासिक रहा, क्योंकि आज स्टेट रीजन कैपिटल की पहली बैठक हुई. इसमें 11 एजेंडों पर चर्चा हुई है.

नए विधायकों को जल्द मिलेगा आवास : ओपी चौधरी
मंत्री चौधरी ने कहा, जीएसटी 2.0 भारत में सबसे बड़ा रिफॉर्म है. देश में गब्बर सिंह टैक्स था 1 जुलाई 2017 तक. 1 जुलाई 2017 के बाद जीएसटी की व्यवस्था बदली है. पहले यूपीए की सरकार थी और ज्यादा टैक्स लगता था. पेट्रोल पर रजत जयंती के वर्ष के मौके पर राज्य की ओर से 1 रुपये की छूट दी गई है. धान खरीदी में वित्तीय भार 10 हजार करोड़ बढ़ा है. महतारी वंदन योजना से 8 करोड़ का वित्तीय भार बढ़ा. पीएम आवास योजना में भी वित्तीय भार बढ़ा है. 12 हजार करोड़ का आवास वित्तीय भार बढ़ेगा. वित्त मंत्री ने आगे कहा, नए विधायकों के लिए भी आवास की सुविधा होगी. जमीन का प्रकरण लंबित है. इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा.

विपक्ष ने कहा – खरीदी की नीति में खामी, इसे सुधारना होगा
वित्त मंत्री के भाषण से पहले कांग्रेस विधायक ने कहा, धान खरीदी में अगर कोई किसान अपना धान नहीं बेच पाता तो इसके लिए पक्ष और विपक्ष हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है. विधानसभा में धान की बालियां प्रतीक के तौर पर लगाई गई है, लेकिन खरीदी की नीति में खामी हो तो यह गंभीर है, इसे सुधारना होगा. योजनाओं के निर्धारण में विपक्ष के विधायकों का भी सुझाव लिया जाना चाहिए.

छत्तीसगढ़ को ग्रीन बजट नहीं, ग्रीन जीडीपी की जरूरत : विपक्ष
विपक्ष ने कहा, विजन डॉक्यूमेंट बनाने में कितना खर्च आया था, यह सवाल लगाया गया था. इसके जवाब में बताया गया कि 9 करोड़ खर्च आया. जीएसटी में यूटर्न, जमीन गाइडलाइन में यूटर्न लिया गया. इससे पता चलता है कि नीति बनाते वक्त व्यापारियों, आम लोगों का ध्यान नहीं रखा गया. छत्तीसगढ़ को ग्रीन बजट नहीं, ग्रीन जीडीपी की आवश्यकता है. इस पर हम सबको काम करना होगा. नरवा-गरवा, घुरवा-बारी योजना का सत्ता पक्ष माखौल उड़ाता है, लेकिन यह सच्चाई है कि इससे छत्तीसगढ़ का ग्रीन कवर हुआ था. इसे आप लोग झुठला नहीं सकते. छत्तीसगढ़ में पर्यावरण की स्थिति चिंताजनक है. राजधानी रायपुर जैसे कई बड़े शहरों में हवा जहरीली होती जा रही है. पर्यावरण विभाग को इस पर एक कम्प्लीट रिपोर्ट बनानी चाहिए. विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ में आज शराब का राजस्व बढ़कर 12 हजार करोड़ तक हो गया. पूर्व की सरकार में शराब का घोटाला हो गया था. जीएसटी में आज सबसे ज्यादा वसूली का काम हुआ है. यह सब ईमानदार वित्तमंत्री की वजह से हुआ है. उन्होंने कहा, विधायकों के लिए रियायती दर पर आवास दिया जाए. विशेषकर नए विधायकों के लिए यह व्यवस्था की जानी चाहिए.

प्रदूषण बढ़ रहा, उद्योगों का विकेंद्रीकरण होना चाहिए : सुनील सोनी
धर्मजीत ने आगे कहा, गौण खनिज में कई जगहों पर चोरियां बढ़ गई है. इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. अवैध प्लाटिंग की भी शिकायतें आई है. इस पर कड़ा एक्शन लेने की जरूरत है. विधायक सुनील सोनी ने कहा कि प्रदेश में प्रदूषण बढ़ गया है. उद्योगों का विकेंद्रीकरण होना चाहिए. रायपुर केंद्रित हो गया है. रायपुर के घरों में काला धुआं जमा हो रहा है.

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *