रांची.
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो चुका है. आज (शुक्रवार, 20 फरवरी) सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 6450 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया. आज की कार्यवाही में प्रश्नकाल के दौरान जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने प्रवासियों के पंजीकरण को लेकर सवाल उठाए.
उन्होंने सदन में सरकार से पूछा कि क्या ये बात सही है कि राज्य में 16 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूर हैं, लेकिन सिर्फ 1 लाख 91 हजार ही पंजीकृत है. प्रवासी श्रमिकों के पंजीकरण और सुविधाओं के लिए झारखंड प्रवासी श्रमिक आयोग का गठन करने का विचार कर रही है. प्रवासी मजदूर के निधन पर 5 लाख मिले. जयराम महतो के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री संजय यादव ने बताया कि 2 लाख 29 हजार प्रवासी मजदूर रजिस्टर्ड हैं. प्रचार प्रसार के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है.
इस मामले पर सरकार और विभाग काफी गंभीर है. किसी को भी अगर विदेशों में परेशानी हुई है तो सरकार आगे आई है. प्रवासी नियंत्रण कक्ष रांची में है. कोई लापरवाही नहीं होती, इसीलिए आयोग की कोई जरूरत नहीं है. प्रवासी मजदूरों के निधन पर राशि बढ़ाने पर विचार हो सकता है. वहीं चन्द्रदेव महतो ने पूछा कि क्या प्रवासी नियंत्र कक्ष बनाया गया गया है. सरकार ने अलग से डायरेक्टरेट बनाने का आश्वासन दिया था. अभी काम करने वाले एनजीओ है, पावर सीमित है. इस पर मंत्री ने बताया कि प्रवासी मजदूरों के लिए जो जरूरी होगा, वो किया जाएगा.
बाबूलाल मरांडी ने पूछा कि बाहर राज्यों में भाषा की भी दिक्कत होती है. सरकार से आग्रह है कि उन शहरों में कोई मैकेनिज्म तैयार करें तो मजदूरों की कठिनाई दूर हो सकती है. मृत को 50 हजार मिलता है, लेकिन उनके घर उजड़ जाते हैं. आवास सुनिश्चित हो, सरकारी राशन मिले और शिक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो. हम सब का यह दायित्व बनता है.
वहीं अरूप चैटर्जी ने कहा कि काम के बाद भी कई बार मजदूरों को हाजरी नहीं दी जाती. एक अधिकारी अगर उन राज्यों में बैठे तो उन्हें मदद मिलेगी और निदेशालय जल्द से जल्द बने. मानसिक तौर पर प्रताड़ित मजदूर जब आत्महत्या करता है तो उस मजदूर के बॉडी लाने की भी व्यवस्था की जानी चाहिए? इस पर मंत्री संजय यादव ने बताया कि मामला गंभीर हैं. सीएम से बात करके राज्य हित में फैसला लिया जाएगा.
विधायक निर्मल महतो ने पूछा कि 10 हजार सहिया धरने पर बैठी हैं. पूरे राज्य में 2007 से 42000 सहिया, सहिया साथी 2500 और 688 टीटी सहिया स्वास्थ्य विभाग में कार कर रहे हैं. कोरोनाकाल में कई सहियाओं की जान गई है. इस सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में लगभग राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 64 हजार सहिया हैं. सहिए के प्रति सरकार संवेदनशील है. कोरोनाकाल में सहियाओं ने बढ़-चढ़ कर भाग दिया. कोरोनाकाल में 1 महिला रेनी देवी की मौत हुई है. सरकार ने हर संभव मदद की है. विधायक ने कहा कि प्रतिमाह मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए. एम्बुलेंस की व्यवस्था बढ़े. धरना पर सरकार बात करे. मंत्री ने कहा कि इंसेंटिव के तहत रखा जाता है.
विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि मैया सम्मान में ढाई हजार रुपये स्वास्थ्य सहिया का वेतन बढ़ाया जाए. मंत्री ने कहा कि हर माह इंटेंसिव के तहत काम होता है. जो भी कार्यक्रम चलाए जाते है. उसमें इंटेंसिव मिलता है. प्रति माह 10 से 1 हजार आमदनी होती है. 8 मार्च को एक साल का एकमुश्त राशि महिला दिवस पर सहियाओं को दी जाएगी.

