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PUNBUS को चूना! टेंडर अटकाने वाली कंपनी पर डिजिटल फ्रॉड का केस दर्ज

लुधियाना.

पंजाब रोडवेज की पनबस (PUNBUS) को किलोमीटर स्कीम के तहत नई बसें मुहैया करवाने की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी करने और सरकार के साथ धोखाधड़ी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है।

चंडीगढ़ स्थित पनबस के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के दफ्तर से मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने 'फास्ट्रैक डिजिटल सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड' (Fastrack Digital Solution Pvt Ltd) के मालिक तनवीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी ने न केवल टेंडर प्रक्रिया में बाधा डाली, बल्कि गलत पता देकर सरकारी तंत्र को भी गुमराह किया। मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के आदेशानुसार पनबस की ओर से किलोमीटर स्कीम के तहत साधारण (ऑर्डिनरी) बसें चलाने के लिए टेंडर जारी किया गया था।

इस प्रक्रिया में लुधियाना की कंपनी 'फास्ट्रैक डिजिटल सॉल्यूशन' दूसरे नंबर पर रही थी। नियमानुसार, टेंडर की शर्तों को आगे बढ़ाने के लिए विभाग ने 12 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई थी। विभाग को उम्मीद थी कि इस मीटिंग के बाद बसों को रूट पर उतारने का काम तेज होगा, लेकिन आरोपी बिडर जानबूझकर मीटिंग में हाजिर नहीं हुआ।

आरोपी नेफर्जीवाड़े के जरिए सरकारी काम में करवाई देरी 
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी तनवीर सिंह को विभाग की ओर से बार-बार फोन किए गए, लेकिन उसने हर बार टालमटोल वाला रवैया अपनाया। इतना ही नहीं, जब विभाग ने उससे संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि उसने कंपनी का जो पता (B.R.S नगर, ग्रैंड वॉक मॉल, लुधियाना) दिया था, वह भी जांच के घेरे में आ गया।

आरोपी ने गलत जानकारी और फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी काम में देरी करवाई, जिसके कारण आम जनता के लिए नई बसें चलाने की योजना अधर में लटक गई। पनबस के मैनेजिंग डायरेक्टर के दफ्तर से प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना सराभा नगर की पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि आरोपी की इस हरकत की वजह से टेंडर को दोबारा फ्लोट करना पड़ा, जिससे न केवल समय की बर्बादी हुई बल्कि सरकार को वित्तीय नुकसान भी उठाना पड़ा। पुलिस अब आरोपी तनवीर सिंह की तलाश कर रही है और यह जांच की जा रही है।

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