तानाशाह का नया दांव या उत्तराधिकारी तय? किम की बेटी की बढ़ती मौजूदगी से उठे बड़े सवाल

उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया के तानाशह किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू ऐ को उत्तराधिकारी के रूप में नामित करने की प्रक्रिया में बहुत आगे बढ़ चुका है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (एनआईएस) ने गुरुवार को संसद की एक बंद कमरे की ब्रीफिंग में इस बात की जानकारी दी है। एनआईएस ने बताया कि किम जू ऐ अब 'उत्तराधिकारी के रूप में नामित होने के चरण' में पहुंच चुकी हैं। एजेंसी के अनुसार, पहले उन्हें 'उत्तराधिकारी प्रशिक्षण में' बताया जाता था, लेकिन अब भाषा में बदलाव आया है, जो प्रक्रिया के अधिक ठोस और सुनियोजित होने का संकेत देता है।

सांसद ली सियोंग-क्वेउन ने ब्रीफिंग के बाद पत्रकारों से कहा कि एनआईएस ने कहा कि किम जू ऐ विभिन्न प्रमुख सैन्य और प्रतीकात्मक कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ दिखाई दी हैं, जैसे कोरियन पीपुल्स आर्मी की स्थापना वर्षगांठ, कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन का दौरा और वायु सेना दिवस समारोह। साथ ही, निरीक्षण के दौरान नीतिगत मुद्दों पर उनके विचार व्यक्त करने के संकेत मिले हैं। एजेंसी ने किम की बेटी की सार्वजनिक उपस्थिति, पिता के ठीक बगल में प्रमुख स्थिति, सरकारी मीडिया कॉवरेज और व्यवहार को उत्तराधिकार की तैयारी का प्रमाण बताया है। दरअसल, पिछले दो वर्षों में सरकारी मीडिया ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च, सैन्य परेड और वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों की बैठकों में बार-बार दिखाया है।

एनआईएस का मानना है कि किम जू ऐ अब डी फैक्टो दूसरे सबसे उच्च पद पर हैं और नीतिगत मामलों पर इनपुट दे रही हैं। एजेंसी इस महीने के अंत में होने वाली वर्कर्स पार्टी कांग्रेस पर नजर रखेगी, जहां उनकी भागीदारी, प्रोटोकॉल स्तर, कोई आधिकारिक उपाधि या पार्टी नियमों में संशोधन उत्तराधिकार की पुष्टि कर सकता है।

बता दें कि किम जू ऐ की पहली अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति पिछले साल चीन की यात्रा में देखी गई थी, जहां वह अपने पिता के साथ बुलेटप्रूफ ट्रेन से बीजिंग पहुंचीं और एक सैन्य परेड में शामिल हुई थी। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया में 1940 के दशक से किम परिवार का वंशानुगत शासन है। किम जोंग उन को 2011 में उनके पिता किम जोंग इल की मृत्यु से पहले उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। किम जू ऐ को माना जाता है कि वह किम जोंग उन और उनकी पत्नी री सोल जू की संतान हैं, जिनमें दो या तीन बच्चे हो सकते हैं, लेकिन प्योंगयांग ने अन्य बच्चों की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है।

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *