गलत धान बीज से किसानों की लाखों की फसल चौपट, फर्म संचालक पर कार्रवाई की मांग

गलत धान बीज से किसानों की लाखों की फसल चौपट, फर्म संचालक पर कार्रवाई की मांग

गर्मी वाली 1509 धान का बीज गलत देने का आरोप,लगभग 15 लाख रुपये के नुकसान का दावा

भितरवार
 भितरवार ब्लॉक के ग्राम जोरा के किसानों ने डबरा कृषि उपज मंडी के सामने स्थित अनूप ट्रेडिंग कंपनी एवं अर्जुन ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर पूरन कुशवाह पर गर्मी वाली 1509 धान का बीज न देकर गलत बीज बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि गलत बीज मिलने के कारण उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई है, जिससे उन्हें लगभग 15 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों ने मामले की शिकायत प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, कलेक्टर ग्वालियर एवं पुलिस अधीक्षक, भितरवार एसडीएम और कृषि विभाग के अधिकारियों से करते हुए दोषी फर्म और उसके संचालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार ग्राम जोरा निवासी राजाराम पुत्र बिरखाराम, ओमप्रकाश शर्मा पुत्र नाथूराम शर्मा, देवी सिंह पुत्र मनका तथा भगवानदास पुत्र बिरखाराम ने मार्च माह में गर्मी की धान की बुवाई के लिए संबंधित फर्म से 1509 किस्म का धान बीज खरीदा था। लेकिन संबंधित फर्म संचालक के द्वारा अन्य कोई घटिया किस्म की धान बीज दे दिया गया है। जिसको लेकर पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्होंने लगभग 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से दो क्विंटल बीज खरीदा और निर्धारित समय पर खेतों में उसकी बुवाई की।

 किसानों का आरोप
किसानों का आरोप है कि फसल तैयार होने के चार महीने बाद भी धान में बाली नहीं आई, जिससे पूरी फसल खराब हो गई। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती में बीज के अलावा खाद, सिंचाई, मजदूरी और अन्य कृषि कार्यों पर भी भारी खर्च किया था, लेकिन गलत बीज मिलने के कारण उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। उनका दावा है कि चारों किसानों को मिलाकर लगभग 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

पीड़ित किसानों का आरोप है कि जब वे अपनी समस्या लेकर संबंधित फर्म संचालक पूरन कुशवाह के पास पहुंचे और नुकसान की जानकारी दी, तो उन्हें समाधान देने के बजाय दुत्कार कर भगा दिया गया। किसानों का यह भी आरोप है कि उन्हें धमकाते हुए कहा गया कि जहां शिकायत करना हो कर दो। इस घटनाक्रम से क्षेत्र के किसानों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते बीज की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई और दोषी फर्म पर कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में भी अन्य किसान इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित फर्म के खिलाफ तत्काल जांच कर दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही बीज के नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराई जाए तथा प्रभावित किसानों को उनकी फसल के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जाए। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आगे जनआंदोलन करने के लिए भी मजबूर होंगे।

फिलहाल शिकायत प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुकी है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले की जांच कर किसानों को राहत दिलाने तथा दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है।

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