छात्रवृत्ति भुगतान प्रक्रिया में देरी, समाज कल्याण विभाग ने जल्द समाधान का दिया भरोसा

लखनऊ

 प्रदेश में छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को केंद्रांश की राशि अगले माह मिलने की संभावना है। पांच लाख से ज्यादा छात्रों के खातों में अब तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है। इससे छात्रों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है

प्रदेश में ढाई लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले एससी-एसटी परिवारों के विद्यार्थियों को शुल्क की भरपाई के साथ छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाता है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को होने वाले भुगतान का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और शेष 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के खातों में 40 फीसदी हिस्सा भेज दिया है, लेकिन अभी काफी विद्यार्थी बचे हैं, जिनके खातों में केंद्रांश नहीं पहुंचा है।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में जिन विद्यार्थियों के खातों में अभी तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है, वो 15 मई तक पहुंचने की उम्मीद है। जब राज्य सरकार भुगतान करती है, तो वही डाटा ऑटो फेच होकर केंद्र के पोर्टल पर चला जाता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने में थोड़ा वक्त लगता है। इसलिए विद्यार्थी परेशान न हों, शीघ्र ही उनके खातों में शेष राशि भी पहुंच जाएगी।

 

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