CMs का सोशल मीडिया मुकाबला: फॉलोअर्स में योगी का जलवा, एक्टिव पोस्टिंग में मोहन यादव नंबर-1

 इंदौर
 जंतर-मंतर पर हालिया प्रदर्शनों के दौरान इंस्टाग्राम पर जिस तेजी से रील और वीडियो बहुप्रसारित हुए, उसने यह साफ कर दिया कि युवाओं तक पहुंचने की सबसे तेज राह डिजिटल दुनिया से होकर गुजरती है। यही कारण है कि राजनीतिक दल अब डिजिटल मौजूदगी को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बना रहे हैं।

भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के आधिकारिक इंस्टाग्राम प्रोफाइल का विश्लेषण भी इसी बदलती राजनीति की तस्वीर पेश करता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1.72 करोड़ फालोअर्स के साथ सबसे बड़े डिजिटल चेहरे हैं। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव 20 लाख फालोअर्स के साथ शीर्ष नेताओं में शामिल हैं।

हालांकि, उनकी सबसे बड़ी ताकत लगातार डिजिटल सक्रियता है। 10,898 पोस्ट के साथ वह भाजपा शासित राज्यों के सबसे सक्रिय मुख्यमंत्रियों में दूसरे स्थान पर हैं। सबसे ज्यादा पोस्ट करने वाले मुख्यमंत्रियों में हरियाणा नायब सिंह सैनी नंबर एक पर हैं।

दिलचस्प बात यह है कि सभी मुख्यमंत्रियों की डिजिटल रणनीति अलग-अलग है। योगी ने अपेक्षाकृत कम पोस्ट के बावजूद सबसे बड़ा फालोअर आधार बनाया है। वहीं, डा. मोहन यादव लगातार पोस्ट, रील और वीडियो के जरिये अपनी डिजिटल मौजूदगी मजबूत कर रहे हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा इसका दूसरा उदाहरण हैं। महज 530 पोस्ट के बावजूद उनके 27 लाख फालोअर्स हैं। यानी, सोशल मीडिया पर असर केवल पोस्ट की संख्या से नहीं, बल्कि नेतृत्व की पहचान, कंटेंट की स्वीकार्यता और जनता से जुड़ाव से भी तय होता है।

सबसे ज्यादा फॉलोअर्स वाले मुख्यमंत्री:

    योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश) – 1.72 करोड़
    देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र) – 28 लाख
    हिमंत बिस्वा सरमा (असम) – 27 लाख
    डॉ. मोहन यादव (मध्य प्रदेश) – 20 लाख
    पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड) – 16 लाख

सबसे ज्यादा एक्टिव रहने वाले मुख्यमंत्री (अधिकतम पोस्ट):

    नायब सिंह सैनी (हरियाणा) – 11,555 पोस्ट
    डॉ. मोहन यादव (मध्य प्रदेश) – 10,898 पोस्ट
    देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र) – 10,257 पोस्ट
    प्रमोद सावंत (गोवा) – 10,225 पोस्ट
    विष्णुदेव साय (छत्तीसगढ़) – 9,803 पोस्ट

मुख्यमंत्रियों की डिजिटल ब्रांडिंग स्टाइल

    पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड): युवाओं, पर्यटन और धार्मिक आयोजनों पर विशेष ध्यान।
    विष्णुदेव साय (छत्तीसगढ़): जनजातीय समाज, लोक-संस्कृति और ग्रामीण विकास को प्रमुखता।
    भूपेंद्र पटेल (गुजरात): विकास कार्यों, व्यापारिक निवेश और सुशासन की ब्रांडिंग।
    प्रमोद सावंत (गोवा): पर्यटन, स्थानीय संस्कृति और जनसंपर्क पर फोकस।
    पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश): प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों के विकास का प्रचार।
    मोहन चरण माझी (ओडिशा) व रेखा गुप्ता (दिल्ली): नई सरकारी नीतियों, जनसंवाद और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान।

 

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