रायपुर
छत्तीसगढ़ बोर्ड 12वीं की टॉप-10 मेरिट लिस्ट में इस बार 43 स्टूडेंट्स ने जगह बनाई है। इनमें 31 टॉपर सरकारी स्कूलों से हैं। यानी 72% स्टूडेंट गवर्नमेंट स्कूलों से हैं। टॉप करने वालों में 32 लड़कियां शामिल हैं। यानी टॉप करने वाले हर 10 में से 7 से 8 लड़कियां आई टॉप। 15 जिलों के स्टूडेंट्स ने टॉप 10 में जगह बनाई। इनमें 7 जिले ऐसे हैं, जहां से किसी भी लड़के ने टॉप नहीं किया। रायपुर 8 टॉपर्स के साथ सबसे आगे रहा। दसवीं के उलट 12वीं में वैराइटी है। किसी एक स्कूल का दबदबा नहीं है।
सिर्फ पेन्ड्रा-मरवाही का स्वामी आत्मनानंद इंग्लिश स्कूल ही एक ऐसा है, जहां से दो टॉपर निकले हैं। टॉप-10 की पूरी सूची महज 2.20% के दायरे में हैं सिमट गई है। यानी रैंक 1 से रैंक 10 के बीच 11 नंबर का ही अंतर है। वहीं 41 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स फेल हुए हैं।
विषयवार रिजल्ट में साइंस के छात्रों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। साइंस स्ट्रीम का पास प्रतिशत 87.52 फीसदी दर्ज किया गया। वहीं कॉमर्स संकाय का रिजल्ट 82.76 फीसदी रहा, जबकि आर्ट संकाय 78.69 के साथ सबसे पीछे रहा।
15 जिलों के स्टूडेंट्स ने मेरिट लिस्ट में बनाई जगह
टॉपर्स लिस्ट में इस बार रायपुर से सबसे ज्यादा 8 टॉपर्स हैं। इसके बाद रायगढ़ ने 6 टॉपर्स के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। तीसरे स्थान पर महासमुंद और गरियाबंद रहे। यहां से 4-4 टॉपर्स मेरिट लिस्ट में शामिल हुए।
वहीं जशपुर, पेंड्रा-मरवाही, बालौदाबाजार और कांकेर जिलों ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 3-3 टॉपर्स दिए। बेमेतरा और दुर्ग से 2-2 टॉपर्स सामने आए हैं। जबकि धमतरी, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से 1-1 छात्र मेरिट लिस्ट में जगह बनाने में सफल रहे।
लड़कियों का दबदबा कायम
मेरिट सूची में लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारी है। कुल 43 टॉपर्स में से 31 लड़कियां हैं, जो 72.09 प्रतिशत है, जबकि लड़कों की संख्या 12 यानी 27.91 प्रतिशत ही रही।
सिर्फ 12 छात्र निजी स्कूलों से
इस बार सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों को पीछे छोड़ दिया। कुल 43 टॉपर्स में से 31 छात्र सरकारी स्कूलों से हैं, जो 72 प्रतिशत है, जबकि 12 छात्र निजी स्कूलों से हैं, जो 28 प्रतिशत है। विशेष रूप से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, जहां से 14 टॉपर्स आए हैं।
मेरिट में बेहद कड़ी टक्कर
इस वर्ष मेरिट सूची का अंतर बेहद कम रहा। रैंक 1 से रैंक 10 के बीच सिर्फ 2.20 प्रतिशत यानी लगभग 11 अंकों का अंतर है। रैंक 1 और 2 के बीच 2 अंक, रैंक 2 और 3 के बीच भी 2 अंक का अंतर रहा।
ओवरऑल रिजल्ट- 83.04% छात्र पास
इस वर्ष कुल 2,46,166 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से 2,44,453 परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 2,02,549 छात्र-छात्राएं पास हुए। कुल पास प्रतिशत 83.04 रहा। लड़कियों का पास प्रतिशत 86.04 रहा, जबकि लड़कों का 78.86 प्रतिशत रहा। इस प्रकार लड़कियां 7.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ आगे रहीं।
जबकि रैंक 4 से आगे लगभग हर स्थान पर केवल 1 अंक का अंतर देखने को मिला। यही कारण है कि रैंक 9 और 10 में सबसे ज्यादा छात्र शामिल हुए।
संकायवार प्रदर्शन में साइंस आगे
संकायवार विश्लेषण में साइंस वर्ग का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा, जहां 87.52 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए। कॉमर्स संकाय का पास प्रतिशत 82.76 रहा, जबकि आर्ट संकाय 78.69 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे रहा।
हर संकाय में लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया, जो इस बार के रिजल्ट की सबसे बड़ी विशेषता है।
63 प्रतिशत फर्स्ट डिविजन पास
परिणाम के अनुसार लगभग 1.27 लाख विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की, जो कुल उत्तीर्ण छात्रों का करीब 63 प्रतिशत है। वहीं करीब 9.8 प्रतिशत छात्र एक या दो विषय में फेल रहे और लगभग 7.2 प्रतिशत छात्र पूरी से फेल घोषित किए गए।

