किसान आंदोलन 2.0 में नेतृत्व परिवर्तन, डल्लेवाल के मोर्चे में आया झटका

पटियाला
पंजाब की राजनीति और किसान आंदोलनों में सक्रिय रहने वाली 'भारतीय किसान यूनियन (एकता-सिद्धूपुर)'  दो गुटों में बंट गई। संगठन के आठ जिलों के अध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मौजूदा अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल के खिलाफ बगावत कर दी है। नाराज गुट ने संगठन के संस्थापक पिशोरा सिंह सिद्धूपुर के बेटे दलबीर सिंह सिद्धूपुर को अपना नया संयोजक घोषित कर दिया है।

पटियाला के पास बहादरगढ़ में हुई एक बड़ी बैठक के बाद बागी गुट ने डल्लेवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए। पदाधिकारियों का आरोप है कि डल्लेवाल तानाशाह की तरह संगठन चला रहे थे। पिछले छह साल से संगठन के चुनाव नहीं कराए गए, जबकि नियम के अनुसार हर तीन साल में चुनाव होने चाहिए।

दलबीर सिंह सिद्धूपुर ने आरोप लगाया कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से अलग होकर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर मोर्चा लगाना एक गलत फैसला था। उन्होंने दावा किया कि साल भर चले इस विरोध प्रदर्शन में किसानों की जान गई और कई किसानों के ट्रैक्टर व सामान चोरी हो गए, जिनका अब तक पता नहीं चला। आरोप है कि जिन सदस्यों ने डल्लेवाल के फैसलों पर सवाल उठाए, उन्हें संगठन से बाहर कर दिया गया।
कौन हैं जगजीत सिंह डल्लेवाल?

डल्लेवाल किसान आंदोलन 2.0 का सबसे प्रमुख चेहरा रहे हैं। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी जैसी मांगों को लेकर पिछले साल 26 नवंबर से 9 अप्रैल तक (131 दिन) लंबा अनशन किया था। खनौरी बॉर्डर पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व भी उन्होंने ही किया था।

बागी गुट ने संगठन के नए चुनाव कराने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बना दी है। दूसरी ओर डल्लेवाल गुट ने फिलहाल चुप्पी साधी हुई है, लेकिन उनके करीबी नेता काका सिंह कोटरा ने संगठन में किसी भी तरह की फूट से इनकार किया है। डल्लेवाल गुट बुधवार को जालंधर में एक कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों का जवाब दे सकता है।

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