चंडीगढ़.
बोर्ड परीक्षाओं के दबाव और छात्रों की मानसिक सेहत को प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त साइको-सोशल काउंसलिंग सेवा की शुरुआत कर दी है। यह सेवा वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है और 1 जून 2026 तक जारी रहेगी।
CBSE द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह काउंसलिंग सुविधा बोर्ड की वार्षिक पहल का पहला चरण है, जिसका उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा से जुड़े तनाव, डर और भावनात्मक समस्याओं से उभरने में मदद करना है। टेली-काउंसलिंग सेवा के तहत विद्यार्थी और माता-पिता सोमवार से शुक्रवार सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक विशेषज्ञों से बात कर सकते हैं।
इस कार्यक्रम के तहत कुल 73 अनुभवी प्रशिक्षित विशेषज्ञ छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। इनमें CBSE से जुड़े स्कूलों के प्रिंसिपल, प्रशिक्षित काउंसलर, स्पेशल एजुकेटर और मनोवैज्ञानिक शामिल हैं। इनमें से 61 विशेषज्ञ भारत में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 12 काउंसलर नेपाल, जापान, कतर, ओमान और यूएई जैसे देशों से जुड़े हुए हैं। यह सेवा शनिवार और रविवार को उपलब्ध नहीं रहेगी।
CBSE का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे फरवरी में शुरू होने वाली बोर्ड की थ्योरी परीक्षाओं का सामना बिना तनाव और घबराहट के कर सकें। बोर्ड के अनुसार, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच परीक्षा प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, छात्र और अभिभावक टोल-फ्री नंबर 1800-11-8004 पर कॉल कर 24×7 आईवीआरएस सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं। यह सेवा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिसमें परीक्षा तैयारी, समय प्रबंधन, तनाव नियंत्रण और CBSE से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी जाती हैं। CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि तनाव प्रबंधन और प्रभावी पढ़ाई से जुड़े कई उपयोगी संसाधन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर उपलब्ध हैं, जिन्हें छात्र किसी भी समय एक्सेस कर सकते हैं।

