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मनमानी फीस पर रोक: CBSE ने स्कूलों को दी सख्त हिदायत, नियम तोड़ने पर कार्रवाई

लुधियाना.

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के नोटिस में यह गंभीर मामला आया है कि कई राज्यों में स्कूल एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) जमा करने के नाम पर विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस की मांग कर रहे हैं। बोर्ड ने इसे पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताते हुए स्पष्ट किया है कि पहले चरण में एलओसी के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।

बोर्ड के अनुसार, स्कूलों द्वारा केवल वही परीक्षा फीस ली जा सकती है जो सर्कुलर में पहले से तय है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ बोर्ड सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार बोर्ड ने अभी सिर्फ एलओसी मांगी है ताकि परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की सही संख्या का पता चल सके। जब विद्यार्थी अपने सब्जेक्ट्स का चयन करेंगे, तभी उन्हें तय किया गया फीस देनी होगी।

मई में होगी दूसरी बोर्ड परीक्षा
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली बार मई में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में विद्यार्थी विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे अधिकतम 3 सब्जेक्ट्स में अपना स्कोर सुधारने (इम्प्रूवमेंट) के लिए आवेदन कर सकते हैं। एलओसी प्रक्रिया का पहला चरण 31 मार्च तक था, जबकि दूसरा चरण मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद शुरू होगा। इसके बाद तीसरे चरण में लेट फीस के साथ विद्यार्थियों को एक और मौका दिया जाएगा।

परीक्षा के लिए एलिजिबिल्टी और नियम
इस विशेष परीक्षा में केवल वही विद्यार्थी बैठ सकते हैं जो पहली मुख्य परीक्षा में शामिल हुए हों और जिन्होंने कम से कम तीन सब्जेक्ट्स की परीक्षा दी हो। बोर्ड ने साफ किया है कि जो छात्र मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक सब्जेक्ट्स में फेल या एब्सेंट रहे हैं, वे इस परीक्षा के पात्र नहीं होंगे।

कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थी भी इसमें शामिल हो सकते हैं, लेकिन एलओसी में किसी भी नए विद्यार्थी का नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। यदि कोई छात्र फॉर्म भरने के बाद परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर ही उसका फाइनल रिजल्ट घोषित किया जाएगा।

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