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मनोकामना पूर्ति के लिए नवरात्रि में मां को चढ़ाएं ये 9 पवित्र भोग

इस बार शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होने जा रही है, जिसका समापन 1 अक्टूबर के दिन होगा. शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि नवरात्र के इन पावन नौ दिनों में भक्तजन मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की आराधना करते हैं . नवरात्र में पूजा-पाठ…

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सर्वविध कल्याणकारी है रुद्राक्ष-कवच

  शिवपुराण के अनुसार जब तारकासुर के पराक्रम से सभी देवगण त्रस्त हो गये तो वे भगवान रूद्र के पास अपनी दुर्दशा सुनाने तथा तारकासुर से त्राण पाने के लिये गये। भगवान शिव ने उनके दुख को दूर करने के लिये दिव्यास्त्र (अधारे अस्त्र) तैयार करने के लिये सोचा और इस दिव्यास्त्र को तैयार करने…

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सूर्य ग्रहण विशेष: इन चीजों का दान क्यों माना जाता है शुभ और क्या है इसका धार्मिक महत्व

सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसका वैज्ञानिक महत्व तो है ही, लेकिन भारतीय संस्कृति और ज्योतिष में इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक घटना भी माना जाता है. हिंदू धर्म में इसे एक अशुभ काल माना गया है, जिसमें नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. इसी वजह से इस दौरान शुभ कार्य और पूजा-पाठ वर्जित…

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पहली बार जितिया व्रत कर रही हैं? ये गलतियां आपके व्रत को कर सकती हैं प्रभावित!

जितिया व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, जो कि 14 सितंबर को किया जाएगा. बिहार में छठ पूजा के बाद सबसे खास त्योहार होता है, जो तीन दिनों तक चलता है. इस व्रत को शुरू करने से पहले नोनी का साग खाने की परंपरा भी है. जो महिलाएं यह व्रत करने…

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पितृ दोष से मुक्ति! सर्वपितृ अमावस्या पर अपनाएँ ये असरदार वास्तु उपाय

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की अमावस्या तिथि को सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है। यह दिन उन सभी पूर्वजों को समर्पित होता है जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती या जिनका श्राद्ध सही तिथि पर नहीं हो सका। यह दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस दिन अगर…

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जानिए क्या है भगवान कृष्ण शब्द का अर्थ

श्रीकृष्ण संसार में अवतीर्ण होकर धर्म का परिपालन के साथ सरल और सहज जीवन बिताने का मार्ग दिखाते हैं। उनके नामस्मरण से ही मोक्ष सुनिश्चित है। कृष्ण शब्द की व्युत्पत्ति ब्रह्मवैवर्तपुराण में कई प्रकार से दर्शाई गई है। कृष्ण शब्द में तीन अक्षर विद्यमान हैं। जैसे कृष़ण़्अ। इनमें कृष् का अर्थ है उत्कृष्ट, ण् का…

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नवजात शिशु की मृत्यु के बाद श्राद्ध: करें या टालें, जानें धार्मिक दृष्टिकोण

हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है. पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध कर्म किए जाते हैं जिससे हमारे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. श्राद्ध कर्म, पिंडदान और तर्पण करने से मृतक की आत्मा तृप्त होती है. साल 2025 में पितृपक्ष की शुरुआत 7 सितंबर से हो चुकी है जो 21 सितंबर यानी सर्वपितृ…

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अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पितृपक्ष में करें ये आसान और सही विधि

हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है. यह 15 दिनों की अवधि पितरों को समर्पित होती है, जब हम अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करते हैं. पंचांग के अनुसार, इस साल पितृपक्ष 7 सितंबर 2025 से शुरू होकर 21 सितंबर 2025 को सर्वपितृ अमावस्या के दिन…

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शुभ या अशुभ? मां के आगमन और प्रस्थान से जानें आने वाले दिन की स्थिति

शारदीय नवरात्रि को हिंदू धर्म में बहुत खास और महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है. माता रानी हर साल अलग वाहन पर सवार होकर आती हैं. साल 2025 में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान का वाहन क्या रहेगा, और किस प्रकार से शुभ और…

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शारदीय नवरात्रि 2025: इस बार दस दिन का होगा पर्व, मां दुर्गा की कृपा का विशेष आशीर्वाद

साल 2025 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर, सोमवार के दिन से हो रही है. शारदीय नवरात्रि को मां दुर्गा की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है. इन दिनों मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. हर दिन किसी न किसी देवी को समर्पित होता है. इस दौरान आराधना से…

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