Bihar Teacher Recruitment Update: TET खत्म, मास्टर बनने के लिए CTET जरूरी

पटना 

बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि राज्य में अब प्रारंभिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8) के लिए 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) का आयोजन नहीं किया जाएगा। विभाग के इस निर्णय के बाद, अब बिहार के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए केवल 'केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा' (CTET) के आधार पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
शिक्षा विभाग के अनुसार, वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली सीटेट (CTET) परीक्षा हर साल नियमित रूप से होती है। राज्य सरकार का मानना है कि सीटेट उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या पर्याप्त है, जिससे शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सकता है।

शिक्षा विभाग ने लगभग तीन साल पहले ही टीईटी के आयोजन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उस समय विभाग ने कहा था कि तत्काल प्रभाव से यह परीक्षा नहीं ली जाएगी, लेकिन भविष्य में इसके आयोजन की संभावना खुली रखी गई थी। हालांकि, अब विभाग ने पूर्ण रूप से यह तय कर लिया है कि सीटेट से ही योग्य शिक्षक मिल रहे हैं, इसलिए अलग से राज्य स्तरीय टीईटी कराने की आवश्यकता नहीं रह गई है।

राज्य में टीईटी का इतिहास
बिहार में अब तक केवल दो बार ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से टीईटी का आयोजन किया गया है। पहली बार वर्ष 2011 में और दूसरी बार वर्ष 2017 में यह परीक्षा हुई थी। इस परीक्षा के जरिए दो स्तरों पर शिक्षकों की योग्यता जांची जाती थी:

प्राथमिक कक्षा (1 से 5): छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन।

उच्च प्राथमिक कक्षा (6 से 8): मध्य विद्यालयों के लिए शिक्षकों की पात्रता का निर्धारण।

छात्रों और अभ्यर्थियों पर क्या होगा असर?
इस फैसले का सबसे सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो विशेष रूप से बिहार टीईटी (BTET) की तैयारी कर रहे थे। अब उन्हें अपनी रणनीति बदलनी होगी और केंद्र सरकार द्वारा आयोजित होने वाली सीटेट (CTET) परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करना होगा। सरकार के इस फैसले से चयन प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और बार-बार परीक्षा आयोजित करने का प्रशासनिक बोझ भी कम होगा।

शिक्षा विभाग के इस कदम से यह भी स्पष्ट हो गया है कि आने वाली शिक्षक बहालियों में केवल वही छात्र हिस्सा ले पाएंगे जिन्होंने सीटेट के पेपर-1 (कक्षा 1-5 के लिए) या पेपर-2 (कक्षा 6-8 के लिए) में सफलता हासिल की है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *