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बिहार शराब कांड का नेटवर्क उजागर, कई राज्यों तक फैला सप्लाई गिरोह

मोतिहारी/साहिबाबाद

 बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस कांड के मुख्य आरोपी और शराब सप्लाई करने वाली कंपनी के मालिक सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद (गाजियाबाद) से गिरफ्तार किया गया। मोतिहारी पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली से सटे इस इलाके में छापेमारी कर उसे दबोचा। मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही पुलिस सप्लायरों के नेटवर्क को खंगाल रही थी। सतीश चौधरी न केवल कंपनी का मालिक है, बल्कि वो बड़े पैमाने पर बिहार में शराब सप्लाई भी करता है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है।

नोएडा से मंगाई गई थी स्पिरिट
दरअसल, मोतिहारी में जिस स्पिरिट का इस्तेमाल कर जहरीली शराब बनाई गई थी, वह औद्योगिक इस्तेमाल के नाम पर नोएडा से मंगाई गई थी। इस स्पिरिट वाले जार पर 'सुपर पावर एडब्ल्यू-68 हाइड्रोलिक आयल' लिखा हुआ है। बिहार पुलिस और मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अब तक की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस छापेमारी में अब तक ऐसे 26 लीटर वाले 50 से अधिक जार बरामद किए जाने की सूचना है।

मोतिहारी में जहरीली शराब से 10 की मौत
मोतिहारी जहरीली शराब कांड में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से बीमार पड़े थे। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार नामजद अभियुक्त राजा कुमार ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट वाली जार मंगाई थी। स्थानीय सप्लाई चेन में इनकी प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्त सुनील साह की भी भूमिका मिली है। उनके बीच पैसे के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं।

जहरीली शराब कांड में पुलिस की कार्रवाई
एसआईटी ने जहरीली शराब बनाने वाली कंपनी के मालिक सह सप्लायर सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (साहिबाबाद) से गिरफ्तार किया।
आरोपी 'एसएस केमिकल' नाम से बिना किसी रजिस्ट्रेशन के फर्जी कंपनी चला रहा था, जिसके जरिए जहरीली स्प्रिट का अवैध निर्माण और सप्लाई की जा रही थी।
 गाजियाबाद से पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था आरोपी सतीश चौधरी। इसकी सप्लाई चेन बिहार समेत कई अन्य राज्यों में शराब माफियाओं तक फैली हुई है।
तुरकौलिया थाना कांड संख्या 174/26 के तहत गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं, जिससे अन्य ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी है।
 इससे पहले पुलिस ने मुख्य सप्लायर लवकुश यादव को कोटवा के सबैया गांव से पकड़ा था, जिसकी निशानदेही पर इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सका।

एक-एक सबूत जुटाने में जुटी है टीम
मोतिहारी शराबकांड के बाद मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (Prohibition and State Narcotics Control Bureau) ने गहन अनुसंधान के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें घटनास्थल से जब्त सारे साक्ष्यों के शृंखलाबद्ध अभिलेखीकरण (चेन ऑफ कस्टडी) सावधानी से तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ट्रायल के दौरान कोई परेशानी न हो।

पुलिस को रजिस्टर अपडेट करने की हिदायत
इसके साथ ही मालखाने के रजिस्टर में उसे अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है। इससे पहले बिहार पुलिस ने जहरीली शराब कांड को लेकर एसओपी भी जारी की थी। एसओपी (Standard Operating Procedure) में सभी जिलों को इस संबंध में आसूचना संकलन (Intelligence Gathering) कराने और अपने-अपने जिलों के थानों, चौकीदारों और दफादारों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया है। कहीं भी ऐसे संदिग्ध जार बरामद होने पर उसकी रासायनिक जांच कराने का निर्देश है।

 

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