पटना
बिहार में लंबे समय से चल रही अंचलाधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। सम्राट सरकार से वार्ता पर सहमति बनने के बाद सीओ, आरओ समेत अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर गए सभी सीओ-आरओ ने काम पर लौटने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि सरकार से उनकी मांगों पर वार्ता की सहमति बन गई है। इसके बाद बिहार संयुक्त राजस्व सेवा महासंघ ने गुरुवार को सामूहिक अवकाश खत्म करने का ऐलान कर दिया। हड़ताल खत्म होने के बाद अंचलों में अटके जमीन के काम फिर से सुचारु हो सकेंगे, यह आम जनता के लिए भी राहत भरी खबर है।
राज्य भर के अंचलाधिकारी (सीओ) अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीते 9 मार्च को अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। राजस्व इस बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से कई बार उन्हें का काम पर लौटने की अपील की गई। तत्कालीन विभागीय मंत्री सह डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हड़ताली अफसरों को सैलरी ब्रेक, निलंबन समेत अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसके असर से कुछ अधिकारियों ने हड़ताल खत्म कर दी थी।
हालांकि, बड़ी संख्या में सीओ-आरओ अपनी मांगों पर डटे रहे। इससे अंचलों में जमीन से जुड़े काम प्रभावित हो रहे थे। काम पर नहीं लौटने वाले कुछ अधिकारियों पर विभाग ने ऐक्शन लेकर निलंबित भी किया। इससे सरकार और हड़ताली पदाधिकारियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा था। साथ ही अंचलों में निबंधन से लेकर जमीन से जुड़े अन्य काम अटक गए थे। राज्य सरकार ने वैकल्पिक उपाय भी अपनाते हुए ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को अंचलों के अतिरिक्त प्रभार दिए थे। इससे अन्य कर्मचारियों का वर्क लोड बढ़ गया था।
हड़ताल से प्रभावित हो रहा था जनगणना का काम
जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है। अभी स्व-गणना का काम चल रहा है। 2 मई से प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की गणना भी करेंगे। बिहार में जनगणना के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। ऐसे में सीओ, आरओ और राजस्व कर्मियों की हड़ताल से जनगणना का काम भी प्रभावित हो रहा था।
55 दिनों बाद काम पर लौटेंगे सीओ
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार ने सुलह का रास्ता निकाल दिया है। बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से हड़ताली अधिकारियों को उनकी मांगों पर विचार करने के लिए आश्वासन दिया है। इसके बाद, बिहार संयुक्त सेवा महासंघ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि 4 मई से वे अपना योगदान देंगे। 55 दिनों के बाद सीओ काम पर लौट जाएंगे।
प्रधान सचिव पद से हटाए गए
दो दिन पहले ही सम्राट सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल को हटा दिया था। उनका तबादला बिहार राज्य योजना पर्षद में बतौर परामर्शी (सलाहकार) कर दिया गया था। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह को प्रधान सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सीके अनिल के ट्रांसफर के पीछे की मुख्य वजह सीओ-आरओ हड़ताल को ही मानी गई थी। सीके अनिल 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।

