छात्रों के लिए बड़ी खबर: हिमाचल बोर्ड ने अपनाया नया पेपर पैटर्न

हिमाचल

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने आगामी कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कई बड़े सुधारों और महत्वपूर्ण तारीखों की घोषणा की है। बोर्ड द्वारा किए गए इन बदलावों का सीधा उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और छात्र-हितैषी बनाना है। नए नियमों के अनुसार, अब परीक्षाओं के संचालन से लेकर प्रश्नपत्रों के फॉर्मेट तक में काफी कुछ बदल गया है।

3 मार्च से शुरू होंगी परीक्षाएं

हिमाचल प्रदेश बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं 3 मार्च 2026 से शुरू होंगी। बोर्ड ने टाइम टेबल इस तरह तैयार की है कि छात्रों को विषयों की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए पूरे राज्य में केंद्र बनाए जा रहे हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

प्रश्नपत्रों में बड़ा बदलाव: एक समान पेपर और MCQs

इस बार परीक्षा सुधारों के तहत सबसे महत्वपूर्ण बदलाव प्रश्नपत्रों के सेट को लेकर किया गया है। अब तक बोर्ड परीक्षाओं में अलग-अलग सेट (जैसे A, B, C) आते थे, जिनमें प्रश्नों का क्रम या प्रश्न अलग होते थे। लेकिन अब बोर्ड ने ‘एक समान प्रश्नपत्र’ प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि एक कक्षा के सभी छात्रों को एक जैसे ही प्रश्न हल करने होंगे।

इसके अलावा, छात्रों की वैचारिक समझ को परखने के लिए प्रश्नपत्र के पैटर्न में भी बदलाव किया गया है। अब हर मुख्य विषय के पेपर में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) शामिल किए जाएंगे। यह बदलाव नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप है, जिससे छात्र कम समय में सटीक उत्तर देकर बेहतर अंक प्राप्त कर सकेंगे।

30 अप्रैल तक आ जाएगा रिजल्ट

बोर्ड ने न केवल परीक्षा की तारीखें तय की हैं, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया को भी तेज करने का लक्ष्य रखा है। हिमाचल बोर्ड ने घोषणा की है कि 10वीं और 12वीं का परिणाम 30 अप्रैल 2026 तक घोषित कर दिया जाएगा। समय पर रिजल्ट आने से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेजों में दाखिला लेने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में आसानी होगी।

परीक्षा सुधारों का उद्देश्य

बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, 'एक समान प्रश्नपत्र' लाने से मूल्यांकन में निष्पक्षता आएगी और किसी भी प्रकार के भेदभाव की संभावना खत्म होगी। साथ ही, 20 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) शामिल करने से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे NEET, JEE) के लिए भी खुद को तैयार कर पाएंगे।

हिमाचल प्रदेश बोर्ड के इस कदम की शिक्षाविदों ने सराहना की है। बोर्ड ने सभी स्कूलों और हेडमास्टरों को निर्देश दिया है कि वे नए पैटर्न के बारे में छात्रों को जागरूक करें ताकि वे बिना किसी स्ट्रेस के परीक्षा दे सकें।

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *