Headlines

मछली पालकों के लिए बड़ी खबर, बिहार में 332 बैचों में 10 हजार किसानों को मुफ्त प्रशिक्षण

पटना
 सरकार मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्य के 10 हजार किसान मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी है।

मत्स्य पालकों को यह प्रशिक्षण न सिर्फ राज्य में, बल्कि देश के प्रसिद्ध संस्थानों में दिलाया जाएगा। मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना का उद्देश्य राज्य के मत्स्य किसानों को नवीनतम मात्स्यिकी तकनीकों एवं मत्स्य पालन की आधुनिक विधियों में प्रशिक्षित करना है, जिससे मछली उत्पादन के साथ-साथ उनकी वार्षिक आय में वृद्धि हो सके।

यह प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क है। निबंधन शुल्क के अलावा लाभार्थियों से कोई अन्य राशि नहीं ली जाती है। इस प्रशिक्षण से यह लाभ हो रहा है कि राज्य के मत्स्य उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है।

व्यवसाय से जुड़े किसानों की जिंदगी में आर्थिक समृद्धि आ रही है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 9,685 (लगभग 10 हजार) किसानों को मछली पालन का निशुल्क प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है।

इसके लिए मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस कार्यक्रम के तहत राज्य के अंदर और बाहर स्थित प्रतिष्ठित मात्स्यिकी संस्थानों में कुल 332 बैचों में दस हजार मत्स्य कृषकों/मछुआरों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

70 हजार से अधिक को दिया गया प्रशिक्षण
मछली उत्पादन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में अब तक 70,221 मछली पालकों को राज्य के भीतर एवं बाहर स्थित मत्स्य संस्थानों में निशुल्क आधुनिक प्रशिक्षण दिया गया है।

इनमें 52,485 मछली पालकों को राज्य के भीतर तथा 17,726 मछली पालकों को राज्य के बाहर के संस्थानों में प्रशिक्षित किया जा चुका है।

भ्रमण-दर्शन कार्यक्रम के तहत अब तक 47,409 से अधिक मछली पालकों को राज्य में विकसित आर्द्रभूमि एवं बायोफ्लाक इकाइयों की निर्माण प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए निशुल्क कराया गया है।

राज्य ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में पाई बड़ी सफलता
बिहार में मछली उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य का कुल मछली उत्पादन 9.69 लाख टन था, जो 2025-26 में बढ़कर 10.28 लाख टन हो गया।

सरकार के प्रयासों से 8,262 हेक्टेयर में नए जल क्षेत्र का सृजन, 4,305 हेक्टर में नया तालाब का निर्माण, 2,380 हेक्टेयर चौर भूमि में आधुनिक तालाबों का निर्माण और 5,301 ट्यूबवेल का अधिष्ठापन किया गया है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *