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चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, 6 राज्यों में विशेष पुनरीक्षण के बाद जारी होगी फाइनल मतदाता सूची

नई दिल्ली

भारत निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि मानते हुए 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision- SSR) का आदेश जारी किया है।

किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SSR?
चुनाव आयोग के अनुसार, निम्नलिखित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SSR की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी-

    अरुणाचल प्रदेश
    चंडीगढ़
    दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव
    मिजोरम
    ओडिशा
    सिक्किम

इस प्रक्रिया के तहत 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। इसके अलावा, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी अग्रिम रूप से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

चुनाव आयोग ने लिखा पत्र
छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे पत्र में चुनाव आयोग ने कहा कि उसने 29 सितंबर को छूटे हुए, युवा या पहली बार मतदान करने वाले पात्र मतदाताओं के नामांकन हेतु एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए थे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान केंद्रों का पुनर्व्यवस्थापन 20 नवंबर तक पूरा हो जाना चाहिए और मतदाता सूची का ड्राफ्ट 30 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं के पास 30 नवंबर से 30 दिसंबर तक ड्राफ्ट सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने का समय होगा। अंतिम मतदाता सूची अगले साल 21 जनवरी को प्रकाशित होने वाली है।

कई राज्यों में भी हो रही SSR की प्रक्रिया
पिछले महीने चुनाव आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसएसआर का आदेश दिया था जहां एसआईआर पूरा हो चुका था। इसमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल है। वहीं असम में एसएसआर आयोजित न करने का निर्णय लिया था। चुनाव आयोग ने 2026 में वार्षिक एसएसआर को रद्द करने का फैसला किया था क्योंकि वह एसआईआर की प्रक्रिया को पूरा कर रहा था।

चुनाव आयोग द्वारा लिए गए फैसलों में किए जा रहे बदलावों के क्रम में आयोग ने अब एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। निर्वाचन आयोग ने SIR से जुड़ी घोषणा को ऑनलाइन फॉर्म 6 से अलग कर दिया है। अब जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया जारी है, वहां भी नए मतदाताओं को ECINet पोर्टल पर फॉर्म 6 और SIR घोषणा अलग-अलग भरनी होगी। इससे पहले SIR से जुड़ी घोषणा फॉर्म 6 के भीतर ही शामिल थी और आवेदक के लिए उसका जवाब देना जरूरी था।

इन राज्यों में बाद में जारी होगा SSR का शेड्यूल
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है या पूरी हो चुकी है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। इनमें आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, दिल्ली, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं।

वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए SSR की तारीखें बाद में तय की जाएंगी।
SSR का पूरा शेड्यूल-

    पोलिंग स्टेशनों का युक्तिकरण- 20 नवंबर 2026 तक
    इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन- 30 नवंबर 2026
    दावे-आपत्तियां लेने की अवधि- 30 नवंबर 2026 से 30 दिसंबर 2026 तक
    फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन 21 जनवरी 2027

अधिकारियों के लिए चुनाव आयोग के सख्त निर्देश
    SSR की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए चुनाव आयोग ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

    RPA 1950 की धारा 13CC के तहत वोटर लिस्ट बनाने में लगा हर अधिकारी चुनाव आयोग में डेपुटेशन पर माना जाएगा।

    मुख्य सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि CEO, DEO, ERO, BLO के कोई भी पद खाली न रहे। SSR के दौरान किसी भी अधिकारी का ट्रांसफर आयोग की मंजूरी के बिना नहीं होगा।

    ERO की जिम्मेदारी होगी कि कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति लिस्ट में न रहे।

 

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