दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, 500 स्कूलों तक पहुंचेगी रेन वाटर हार्वेस्टिंग योजना

नई दिल्ली
 दिल्ली सरकार के सीएम श्री स्कूलों में पढ़ाई के साथ हर साल 2 लाख लीटर भूजल को भी रिचार्ज करेंगे। सरकार ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में शुक्रवार को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल), शिक्षा निदेशालय और एहसास एनजीओ के बीच समझौता हुआ है। 'कैच द रेन' अभियान के अंतर्गत पहले चरण में 75 सीएम श्री स्कूलों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।

फैसले पर क्या बोलीं सीएम रेखा गुप्ता
इस मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चल रही है और पीएम नरेन्द्र मोदी के 'कैच द रेन' विजन को स्कूलों से लागू करने की शुरुआत की गई है।

75 सीएम श्री स्कूलों से शुरू हो रही योजना
उन्होंने कहा कि यह पहल फिलहाल 75 सीएम श्री स्कूलों से शुरू हो रही है, लेकिन भविष्य में इसे दिल्ली सरकार के करीब 500 स्कूलों तक ले जाने का लक्ष्य है। परियोजना को एहसास एनजीओ लागू करेगा, जबकि शिक्षा निदेशालय प्रशासनिक सहयोग और परियोजना पूरी होने के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। आईजीएल पूरी परियोजना के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा।

चयनित स्कूलों का होगा ऑडिट
परियोजना के तहत चयनित स्कूलों में पहले से मौजूद रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का तकनीकी ऑडिट किया जाएगा। जहां जरूरत होगी वहां पुराने रिचार्ज पिट, फिल्ट्रेशन सिस्टम और अन्य संरचनाओं का ठीक किया जाएगा। इसके अलावा रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, पाइपलाइन, फिल्टर, टैंक और बोरवेल जैसी नई व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी।

'12 महीने में पूरी होगी परियोजना'
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि प्रत्येक स्कूल में स्थापित रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से हर वर्ष करीब दौ लाख लीटर भूजल रिचार्ज होने का अनुमान है। पूरी परियोजना की अवधि 12 महीने होगी और इसकी निगरानी जियो-टैग्ड तस्वीरों, प्रमाणपत्रों और नियमित मूल्याकन के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीएम श्री स्कूलों को आधुनिक और विशिष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

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