बिहार सरकार का बड़ा फैसला, बिजली कनेक्शन के नए सर्विस शुल्क हुए लागू

पटना 
बिहार में बिजली कनेक्शन की नई दर तय कर दी गई है। घरेलू के लिए प्रति किलोवाट तीन सौ रुपये की दर से तीन किलोवाट के लिए 900 रुपये शुल्क लिये जाएंगे। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने नई दर की मंजूरी दी थी। बुधवार को बिजली कंपनियों ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी। कंपनियों ने 150 किलोवाट तक के नये कनेक्शन के लिए सर्विस कनेक्शन शुल्क निर्धारित किया है। एलटी सिंगल फेज, एलटी थ्री फेज के नए कनेक्शन निर्धारित शुल्क के आधार पर जारी किए जाएंगे।

बिजली कनेक्शन शुल्क
लो टेंशन सिंगल फेज: (7 केवी तक सभी श्रेणी) 3 केवी तक 900 रुपये। इससे अधिक पर 2700 के साथ हर अतिरिक्त केवी पर एक हजार लगेंगे।
लो टेंशन 3 फेज (5 से 19 किलोवाट): 5 केवी तक 4,500 और 5 केवी से अधिक पर हर अतिरिक्त किलोवाट पर 1500 रुपये लगेंगे।

लो टेंशन 3 फेज (20 से 44 किलोवाट): 20 केवी तक 21,000 और इससे अधिक पर हर अतिरिक्त किलोवाट पर दो हजार रुपये लगेंगे।

बिहार के श्रमिकों को ₹5 में पौष्टिक भोजन, ठहरने की भी सुविधा मिलेगी
बिहार के 42 लाख से अधिक निबंधित निर्माण श्रमिकों को मात्र पांच रुपये में पौष्टिक भोजन मिलेगा। साथ ही रियायती दर पर रहने की भी सुविधा मिलेगी। पटना से इस योजना की शुरुआत होगी। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अधीन बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने ‘भोजशाला योजना’ और ‘श्रमिक अतिथिशाला योजना’ के लिए निविदा जारी कर दी है। दो-तीन महीने में श्रमिकों को इन सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा। विभागीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि दोनों योजना बिहार सरकार श्रमिकों के सम्मानजनक जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए संचालित की जाएगी।

रोजगार की तलाश में शहरों में आने वाले निर्माण श्रमिकों तथा दूसरे राज्यों से लौटने वाले बिहार के श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक अस्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ‘श्रमिक अतिथिशाला’ योजना शुरू कर रही है। प्रथम चरण में पटना के नौ प्रमुख स्थानों पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया, पाटलिपुत्र स्टेशन, बैरिया जीरोमाइल, आईएसबीटी-कंकड़बाग, दानापुर जंक्शन, सगुना मोड़, बिहटा कॉरिडोर, नौबतपुर और दीदारगंज में अतिथिशालाओं का संचालन किया जाएगा। बाद में इस सुविधा का विस्तार राज्य के अन्य जिलों में किया जाएगा। अतिथिशालाओं में महिला एवं पुरुष श्रमिकों के लिए अलग डॉरमेट्री होगी, जिनमें क्रमशः 50 और 100 बेड की व्यवस्था रहेगी। श्रमिक यहां सामान्यतः 7 से 10 दिनों तक ठहर सकेंगे।

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