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यमुना सफाई को लेकर बड़ा अभियान, 28 घाटों पर एक साथ चल रहा कार्य

नई दिल्ली
 दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को गीता कॉलोनी स्थित दशमेश घाट पर आयोजित ‘मां यमुना रिवरबैंक क्लीनलिनेस ड्राइव’ में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने यमुना को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यमुना में पूजा सामग्री और अन्य कचरा डालकर हम अपनी आस्था को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही यमुना को उसका पुराना स्वरूप लौटाया जा सकता है।

सुबह 6 बजे से चला सफाई अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुबह 6 बजे से ही सफाई अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान यमुना तट और नदी से सैकड़ों टन कचरा हटाया गया। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी है।

लगातार जारी रहेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक सतत अभियान है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और नागरिकों को इससे जोड़ा जाएगा, ताकि यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाया जा सके।

  • सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पीएम के स्वच्छ भारत विजन से प्रेरित यह अभियान यमुना संरक्षण को जनभागीदारी का आंदोलन बनाने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 'मेरी यमुना, मेरा कर्तव्य' अभियान के तहत 12 टन से अधिक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया गया था। इस बार अभियान को और व्यापक स्वरूप दिया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यमुना को स्वच्छ और जीवनदायिनी बनाया जा सके।
  • यमुना सफाई अभियान के तहत चिल्ला गांव घाट, निजामुद्दीन घाट, गांधी नगर घाट, पुराना लोहे पुल घाट, सिग्नेचर ब्रिज-वजीराबाद घाट, सोनिया विहार के विभिन्न घाट, निगम बोध घाट, यमुना बैंक, कालिंदी कुंज समेत 28 प्रमुख स्थलों पर एक साथ सफाई अभियान चलाया जाएगा। करीब 500 सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों भी इस अभियान में भागीदार होंगे।
  • इस दौरान दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट समेत दिल्ली सरकार के मंत्री अलग-अलग घाटों पर मौजूद रहकर अभियान का नेतृत्व करेंगे। नागरिकों को यह संकल्प भी दिलाया जाएगा कि वे पूजा सामग्री, प्लास्टिक, कचरा और अन्य अपशिष्ट यमुना में नहीं डालेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

आस्था और पर्यावरण दोनों की रक्षा जरूरी
रेखा गुप्ता ने कहा कि लोग धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पूजा सामग्री यमुना में प्रवाहित कर देते हैं, लेकिन इससे नदी प्रदूषित होती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि यमुना ही प्रदूषित रहेगी तो हम किस देवी-देवता को प्रसन्न कर पाएंगे। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानने की अपील की।

नदी में कचरा फेंकने से बचने की अपील
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार का कचरा यमुना में न डालें। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रही है, लेकिन स्थायी बदलाव तभी संभव है जब आम लोग भी इस अभियान का हिस्सा बनें।

 

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