Bashar al-Assad Death Sentence: 24 साल की हुकूमत का हुआ अंत, सीरियाई कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

दमिश्क

सीरिया की एक अदालत ने देश के पूर्व शासक बशर अल-असद को मौत की सजा सुना दी. इस अदालत ने गृह युद्ध के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए बशर अल-असद को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई. बशर अल-असद ने 24 सालों तक सीरिया पर शासन किया था. लेकिन दिसंबर 2024 में इस्लामी ताकतों के दमिश्क के करीब पहुंचने के बाद बशर अल-असद अपने परिवार के साथ रूस भाग गए थे और तब से वहीं हैं। 

13 सालों के गृह युद्ध में लगभग पांच लाख लोग मारे गए थे और लाखों लोग विस्थापित हुए. सीरिया का बुनियादी ढांचा बर्बाद हो चुका है। 

कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने पाया कि 2011 में डेरा प्रांत में असद की सरकार द्वारा किए गए अपराध मानवता के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आते हैं. सीरियाई सेना के पूर्व लीडर और बशर के छोटे भाई माहेर अल-असद को भी मौत की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही अदालत ने बशर अल-असद के चचेरा भाई आतेफ नजीब को भी मौत की सजा दी है. आतेफ नजीब सीरियाई सेना के एक पूर्व ब्रिगेडियर जनरल हैं. 2011 में असद के शासन में नजीब दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में पॉलिटिकल सिक्योरिटी ब्रांच के प्रमुख थे। 

आतेफ नजीब को पिछले साल जनवरी में गिरफ्तार किया गया था. उन्हें हत्या, 15 साल से कम उम्र के बच्चों की जानबूझकर हत्या और यातना देने से मौत देने जैसे अपराधों का दोषी ठहराया गया है. अदालत ने नजीब को लेकर कहा कि उस पर लगे आरोप इंसानियत के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आते हैं और उन्हें सबसे कड़ी सजा, यानी मौत की सजा सुनाई गई है। 

असद के प‍िता ने 30 साल तक संभाली थी सत्‍ता
नजीब सीरियाई सेना के पूर्व ब्रिगेडियर जनरल हैं, जो 2011 में असद के शासनकाल के दौरान दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा इकाई के प्रमुख थे। सीरिया में अभी अल सारा का शासन है जो तुर्की की मदद से सत्‍ता में आए हैं। हाल ही में सीरियाई राष्‍ट्रपति अल सारा ने पुतिन से मुलाकात की थी। अल सारा अमेरिका के साथ भी अपने रिश्‍ते मजबूत कर रहे हैं।

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस आदेश से सीरियाई लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है। बशर अल असद ने अपने प‍िता की मौत के बाद साल 2000 में सत्‍ता संभाली थी। असद के पिता हाफिज अल असद ने करीब 30 साल तक सीरिया पर शासन किया था। बशर अल असद ने दिसंबर 2024 में पद से हटाए जाने तक सत्‍ता संभाली थी। सीरिया में साल 2011 में गृहयुद्ध शुरू हुआ था। इसे असद की सेना ने ताकत के बल पर कुचल द‍िया था। यह अशांति तेजी से पूरे देश में फैल गई थी।

50 से ज्यादा सालों तक सीरिया पर हाफेज अल-असद और फिर उनके बेटे बशर अल-असद का शासन रहा. 'अरब स्प्रिंग' के दौरान, 2011 में 2.3 करोड़ की आबादी वाले इस देश में उनके दमनकारी शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू हो गया. इससे 13 साल तक चला एक भयानक गृहयुद्ध छिड़ गया, जिसमें 'सीरियन ऑब्जर्वेटरी ऑफ ह्यूमन राइट्स' के अनुसार, पांच लाख से ज़्यादा लोग मारे गए। 

लाखों लोग देश छोड़कर लेबनान, जॉर्डन, तुर्की और यूरोप चले गए. असद परिवार ने सत्ता में बने रहने के लिए धार्मिक और सांप्रदायिक तनावों का फायदा उठाया. यह वही विरासत है जिसके कारण सीरिया में अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ हिंसा फिर से भड़क रही है, जबकि यह वादा किया गया था कि देश के नए नेता सीरिया के लिए ऐसा राजनीतिक भविष्य बनाएंगे जिसमें सभी समुदायों को शामिल किया जाएगा और उनका प्रतिनिधित्व होगा। 

अभी सीरिया पर किसका शासन है?
बशर अल-असद को सत्ता से हटारकर सीरिया की कमान राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने संभाली है, जिसे अमेरिका ने अपना सपोर्ट दे रखा है. खास बात है कि साल 2013 में जिस समय बराक ओबामा राष्‍ट्रपति थे, अमेरिका ने शरा को ग्‍लोबल टेररिस्‍ट घोषित कर दिया था. उसकी गिरफ्तारी में मददगार जानकारी देने वाले को 1 करोड़ डॉलर का इनाम देने की घोषणा की थी. लेकिन जब दिसंबर 2024 में, असद का पतन हुआ तो व्‍हाइट हाउस ने चुपचाप इस इनाम के ऐलान को वापस ले लिया। 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *