जालंधर/चंडीगढ़.
एक तरफ जहां खाड़ी में अमरीका-इजराईल की ईरान के साथ जंग जारी है तो दूसरी तरफ ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि भारत को भी 10 नवम्बर 2026 से 10 मार्च 2027 तक अपनी सीमाओं को लेकर अत्यधिक सतर्क रहना होगा। दिल्ली की प्रमुख ज्योतिषाचार्य मनीजा अहूजा के अनुसार उस समय मंगल सिंह राशि में कभी वक्री होंगे तो कभी मार्गी और यह स्थिति भारतीय सीमाओं पर व्यापक हलचल पैदा करने वाली होगी।
उन्होंने कहा कि 31 जुलाई 2026 तक भी अत्यधिक सतर्कता वाला समय रहेगा। उन्होंने बताया कि इसमें भी 15 दिसम्बर से 25 दिसम्बर 2026 तक का समय अत्यंत घातक सिद्ध हो सकता है क्योंकि उस समय मंगल गोचर में शनि को 8वीं दृष्टि से देखेगा। उन्होंने कहा कि रौद्र संवतसर 2083 चल रहा है जिसके बारे में लिखा है कि अहंकारी राजा लड़ते हैं और प्रजा परेशान होती है। उन्होंने कहा कि मंगल की मीन राशि में शनि के साथ युती हो चुकी है। उन्होंने बताया कि खाड़ी युद्ध अब अगले 45 दिनों तक और तेज होगा जिससे व्यापक तबाही दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि 2030 से 2032 तक 3 वर्ष न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए अत्यधिक खराब रहने वाले हैं। इसकी आहट 2028-29 से सुनाई पड़नी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह रूस टूट गया था उसी तरह से जुलाई 2028 से अमरीका के कई भूखंड अलग होना शुरू हो जाएंगे। पूरे विश्व पर अमरीका का प्रभुत्व कम होगा। ईरान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस्लामिक गुटों का प्रभुत्व मार्च 2029 तक किसी न किसी तरीके से बना रहेगा। इजराईल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उसे अगले 3-4 महीनों में व्यापक नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि जून 2030 से 2032 तक शनि वृष राशि में रोहिणी नक्षत्र में आते-जाते रहेंगे और यह समय ही पूरे विश्व के लिए खराब सिद्ध होगा। 30 वर्ष पहले भी ऐसी परिस्थितियां बनी थी और उस समय भी काफी तबाही हुई थी परन्तु उस समय बचाव में बृहस्पति थे परन्तु इस बार जीवों के बचाव में बृहस्पति नहीं आएंगे क्योंकि वह अतिचारी अवस्था में चल रहे हैं। डोनाल्ड ट्रम्प की चर्चा करते हुए उनहोंने कहा कि सिंह लग्र की कुंडली में विपरीत ग्रह योग चल रहे हैं और मई 2027 तक ट्रम्प के सभी फैसले अमरीका के लिए घातक सिद्ध होंगे।

