भोपाल
मध्य प्रदेश (MP Weather Today) में पहाड़ी राज्यों के कारण ठंड फिर लौट आई है. प्रदेश में शुक्रवार (23 जनवरी) को ग्वालियर संग 8 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट दिया गया है. जिसके बाद इन जिलों में हल्की बारिश का भी अनुमान देखा जा रहा है. इसी बीच प्रदेश में मावठा भी गिरने का अनुमान है और 8 जिलों में मौसम विभाग ने कोहरा पड़ने का अलर्ट भी जारी किया है. इस रिपोर्ट में जाने, कैसा रहेगा आज का मौसम.
एमपी के इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जिसमें ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ जिले शामिल हैं. इसके साथ ही भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादल छाए रहने का अनुमान है.
यहां छाए रहेंगे बादल
इधर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी बादल छाए रहेंगे, जिससे मौसम सुहावना लेकिन नम रहेगा। हालांकि, तेज ठंड या शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन सुबह-शाम ठंडी हवाएं और कोहरा लोगों को ठिठुरा सकता है।
2 से 3 डिग्री गिरेगा तापमान
पिछले 24 घंटों में कटनी का करोंदी इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 5 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया। उत्तरी भारत में हो रही बर्फबारी का असर एमपी में भी दिखाई दे रहा है, जिससे तापमान में अचानक बदलाव आया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड फिर से तेज हो जाएगी।
देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी होने के बाद बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी असर दिखा रहा है। इस वजह से एमपी में भी मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है।
गुरुवार को भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, विदिशा समेत कई जिलों में बादल छा गए। वहीं, सर्द हवा चलने लगी। शुक्रवार को भोपाल में बारिश होने का अलर्ट नहीं है, लेकिन बादल जरूर छाए रहेंगे। यदि बारिश होती है तो इस सीजन में पहली बार मावठा गिरेगा। मानसूनी सीजन खत्म होने के बाद नवंबर-दिसंबर में प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश नहीं हुई, लेकिन जनवरी में मावठा गिरने के आसार हैं।
कटनी का करौंदी सबसे ठंडा
मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच आज कटनी का करौंदी और शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रिकॉर्ड किया गया है. यहां का तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं नौगांव में 6.5 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 6.9 डिग्री और रीवा में 7.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इसके साथ ही खजुराहो में तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है.
एक और सिस्टम कराएगा बारिश सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार के लिए उत्तरी हिस्से में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत को 26 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रभावित कर सकता है। फिलहाल यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग दिखाई दे रहा है। जिससे एमपी में भी बारिश होने का अनुमान है।
दो दिन तेज ठंड का अनुमान नहीं मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक तेज ठंड पड़ने का अनुमान नहीं जताया है। वहीं, सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सिवनी में कोहरे की स्थिति देखने को मिली थी।
कटनी का करौंदी सबसे ठंडा, पारा 5 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में कटनी का करौंदी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 6.5 डिग्री, उमरिया में 6.9 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री, दतिया में 7.6 डिग्री, दमोह-सतना में 8.8 डिग्री, मंडला में 9 डिग्री, राजगढ़-सीधी में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 9 डिग्री, जबलपुर में 10.9 डिग्री, भोपाल में 11.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री और उज्जैन में तापमान 13.8 डिग्री दर्ज किया गया।
क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है।
ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।
इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है।

