Headlines

बिहार के बाद यूपी पर JDU की नजर, चुनावी तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर तेज

पटना
जनता दल यूनाइटेड (JDU) अगले वर्ष उत्‍तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में फिर अपनी संभावना तलाश रहा है।

चुनाव को लेकर यूपी और बिहार में बैठकों का सिलसिला नियमित रूप से चल रहा पर अभी यह तय नहीं हाे पाया है कि जदयू पिछले विधानसभा चुनाव की तरह अकेले वहां चुनाव लड़ेगा या फिर गठबंधन की बात बढ़ेगी।

निराशाजनक रहा था 2022 का विधानसभा चुनाव  
वर्ष 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में जदयू की आरंभ में यह योजना थी कि वह एनडीए गठबंधन के घटक के रूप में चुनाव लड़ेगा पर इस पर बात नहीं बनी। सीटों को लेकर सहमति नहीं बनी।

इसके बाद जदयू ने अपने बूते चुनाव में उतरने का फैसला किया। वर्ष 2022 के उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू ने 27 विधानसभा क्षेत्रों से अपने प्रत्याशी उतारे पर एक भी सीट पर उसे सफलता नहीं मिली।

हाल यह रहा कि जदयू को एक प्रतिशत वोट भी नहीं आ सका। उपलब्ध आंकड़े के अनुसार उक्त चुनाव में जदयू को मात्र 0.11 प्रतिशत वोट ही मिले। अधिकांश सीटों पर जदयू प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी।

पूर्वांचल में जदयू का रहा अधिक जोर
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जदयू का जोर पूर्वांचल की सीटों पर अधिक रहा। इसके तहत उसने जौनपुर के मल्हानी, मड़ियाहू, मुंगरा-बादशाहपुर, वाराणसी के रोहनिया, वाराणसी कैंट, चुनार, सोनभद्र के राबर्टसगंज, दुद्धी, कुशीनगर के तुमकुही राज, कुशीनगर, देवरिया के पथरदेवा, बलिया के फेफना, गाजीपुर के जहूराबाद, मुगलसराय के साथ-साथ लखनऊ कैंट, प्रयागराज के करछना, प्रतापपुर, रानीगंज, रायबरेली के सलोन आदि सीटों पर अपने उम्मीदवार दिए थे।

वर्ष 2017 में भी थी तैयारी पर नहीं गए चुनाव मैदान में 
2017 में भी जदयू ने उप्र विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी की थी। भाजपा के साथ गठबंधन का प्रयास किया गया था पर बात नहीं बनी। आखिर में यह तय हुआ कि जदयू चुनाव में नहीं लड़ेगा।

शुरू हुआ बैठकों का दौड़ 
अगले वर्ष उप्र में होने वाले विधानसभा चुनाव को ले जदयू की सक्रियता फिर आरंभ हुई है। यूपी के जदयू प्रभारी श्रवण कुमार लगातार यूपी का दौरा कर रहे हैं।

यहां तक कि पश्चिमी उप्र में भी बैठक हो रही है। यूपी के पार्टी नेताओं के साथ हाल ही में राजगीर में भी बैठक हुई है। वैसे यह बात कही जा रही है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस बारे में चर्चा की जाएगी और उसके बाद यह तय होगा कि कहां-कहां से लड़ना है।

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *