बलरामपुर में अफीम की भारी खेप बरामद, मसाले के रूप में खेती की जा रही थी

बलरामपुर 

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कोरंधा में पुलिस ने करीब ढाई एकड़ में लगी अफीम उखाड़कर जब्त की है। यहां से 285 बोरे अफीम के पौधे बरामद हुए, जिनका वजन 18 क्विंटल है। इनकी अनुमानित कीमत पौने दो करोड़ रुपए बताई जा रही है। मामला कोरंधा थाना क्षेत्र का है।

दरअसल, बुधवार शाम को खजूरी गांव में अफीम की खेती का पता चला था। गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में फसल उखाड़कर जब्त की गई। तीन ट्रैक्टरों में 285 बोरे अफीम को कोरंधा थाना लाया गया। इस मामले में अफीम की खेती करने वाले 2 किसानों को हिरासत में लिया गया है।

फिलहाल, हिरासत में लिए गए किसानों से पुलिस पूछताछ कर रही है। उनका कहना है कि वे अफीम को नहीं पहचानते थे। इस कारण उन्हें नहीं पता था कि यह गैर कानूनी है। जांच में सामने आया कि किसान ने हर साल 6 हजार रुपए देने की शर्त पर जमीन ली थी। बता दें कि कुसमी के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई है।

झारखंड के मजदूर करते थे पहरेदारी

अफीम की फसल दो किस्तों में बोई गई थी। इनमें सहादुर नगेशिया के खेत में लगी अफीम की फसल सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है, उसके खेत में लगे अफीम के डोडों पर छह से सात चीरे लगे हुए मिले, जिससे स्पष्ट है कि उनसे काफी मात्रा में अफीम निकाली जा चुकी थी।

टुईला राम के खेत में बोई गई अफीम की फसल में अभी डोडे लगे हुए हैं और कुछ पौधों में डोडे लग रहे हैं। कई डोडों में चीरा भी लगाया गया था और उनसे अफीम निकालने का काम किया जा रहा था। हालांकि, यहां से निकाली गई अफीम बरामद नहीं हो सकी है।

दोनों किसानों ने बताया कि झारखंड के चार से पांच लोग अफीम की पहरेदारी सहित अन्य काम करते थे। खेतों में काम भी वही लोग करते थे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वे मौके से फरार हो गए। किसानों का कहना है कि वे अफीम की फसल को पहचानते नहीं थे, इसलिए उन्हें यह भी पता नहीं था कि इसकी खेती गैरकानूनी है।

इसके अलावा अफीम की खेती के लिए पास के प्राकृतिक जल स्रोत से पानी खेतों तक पहुंचाया जाता था। इसके लिए पाइप लगाकर खेतों में सिंचाई की व्यवस्था की गई थी।

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