लखनऊ
सिंचाई विभाग के मृत अधिशासी अभियंता की पत्नी बनकर उनकी नौकरी पाने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने खुद को इंजीनियर की पत्नी साबित करने के लिए फर्जी विवाह प्रमाणपत्र बनवाया और उसे विभाग में भी जमा करा दिया। पीड़ित पत्नी की शिकायत पर चिनहट पुलिस ने पांच नामजद समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
हैवलक रोड स्थित सरकारी आवास में रहने वाली संतोषी रावत ने पुलिस को बताया कि उनके पति सुशील कुमार सिंचाई विभाग में अधिशासी अभियंता थे। 27 अप्रैल 2025 को सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके चार बच्चे हैं। आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद लक्ष्मी नाम की महिला ने कुछ लोगों के साथ मिलकर खुद को उनकी पत्नी बताने की साजिश रची।
शिकायत के मुताबिक, लक्ष्मी ने चंद्रिका प्रसाद, पिंकू और अन्य लोगों की मदद से 30 जुलाई 2020 को विवाह प्रमाणपत्र बनवाया। इसमें उसे सुशील कुमार की पत्नी बताया गया। इस प्रमाणपत्र को सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में भी जमा कराया गया, ताकि नौकरी और अन्य सरकारी लाभ हासिल किए जा सकें।

संतोषी ने जब प्रमाणपत्र की जांच कराई तो आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के कार्यालय में इसे फर्जी बताया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इसी प्रमाणपत्र नंबर पर तीन अगस्त 2024 को अननुराधा यादव नाम की दूसरी महिला का विवाह प्रमाणपत्र भी जारी हुआ था।
चिनहट पुलिस ने लक्ष्मी, चंद्रिका प्रसाद, पिंकू, आशीष कुमार त्रिपाठी और नितेश देशवाल समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी कर लाभ हासिल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
