Headlines

सोनिया गांधी के खिलाफ FIR की मांग पर कोर्ट का बड़ा आदेश, मामले की नए सिरे से होगी सुनवाई

नई दिल्ली
 दिल्ली की एक अदालत ने मजिस्ट्रेट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें सोनिया गांधी का नाम नागरिकता हासिल करने से तीन साल पहले मतदाता सूची में शामिल किए जाने के आरोप की जांच से इनकार किया गया था। दिल्ली की अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट के आदेश में ठोस कारण नहीं बताया गया, इससे पता चलता है कि मामले पर ठीक से विचार नहीं किया गया। अदालत ने मामला फिर मजिस्ट्रेट को भेजा, कारणों के साथ आदेश पारित करने और नए सिरे से सुनवाई का निर्देश दिया है।

सोनिया गांधी मामले में सेशंस कोर्ट ने क्या कहा
सोनिया गांधी से जुड़े वोटर लिस्ट मामले में स्पेशल जज (MP-MLA केस) ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का नाम भारत का नागरिक बनने से पहले वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने से जुड़ी शिकायत पर मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के खिलाफ रिवीजन की मंजूरी दे दी है। सेशन कोर्ट ने एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के 2025 में दिए गए आदेश को रद्द कर दिया है।

मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सोनिया के खिलाफ FIR की मांग वाली शिकायत किया था खारिज
दिल्ली की अदालत ने मामले को फिर से सुनवाई करने और एक विस्तृत आदेश पारित करने के लिए वापस भेज दिया गया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली शिकायत को खारिज कर दिया था। सेशन कोर्ट ने कहा कि बिना सर्टिफाई किए गए रिकॉर्ड की फोटोकॉपी के आधार पर शिकायत को Bold Assertion के तौर पर खारिज करना गलत था। इसे रद्द किया जाना चाहिए।

सेशन कोर्ट ने नागरिकता मुद्दे पर दिए ये निर्देश
सेशन कोर्ट ने नागरिकता के मुद्दों पर अधिकार-क्षेत्र से जुड़ी टिप्पणी को गलत माना। सेशन कोर्ट ने कहा कि जिस आदेश को चुनौती दी गई है, उसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मामला संज्ञेय अपराध का है या नहीं। सेशन कोर्ट ने कहा कि नागरिकता के मामले में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के बारे में की गई टिप्पणियां अनुचित हैं। मामले को वापस भेज दिया गया है और इसकी अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *