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देश के 7 हाई-डेंसिटी रेल रूट में शामिल दिल्ली-मुंबई लाइन, रतलाम में फोरलेन से सफर होगा और तेज

रतलाम
 देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को जोड़ने वाला दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग को देश के उन 7 हाई डेंसिटी रेलमार्गों में शामिल किया गया है, जहां रेलवे तीसरी और चौथी लाइन बनाकर फोर लाइन रेलमार्ग तैयार कर रहा है. दिल्ली मुंबई के इस 1423 किमी रूट पर तीसरी और चौथी लाइन का कार्य भी शुरू हो चुका है. इस मार्ग पर अधिक मात्रा में माल ढुलाई और कम समय में यात्रा के लिए तीसरी एवं चौथी लाइन की डीपीआर रेलवे बोर्ड ने 2024 में तैयार करवाई थी। 

इसके बाद इसे पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान में शामिल किया गया और कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद तीसरी और चौथी लाइन डालने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है. रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने X अकाउंट पर वीडियो जारी कर देश के 7 हाई डेंसिटी रेलमार्गों पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन की निर्माण प्रगति और इससे होने वाले फायदे की जानकारी दी है। 

दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर कहां शुरू हुआ काम
रेलवे के जंक्शन पर विभाग द्वारा जारी किए गए वीडियो में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, ''भारत के 7 हाई-डेंसिटी रेल रूट्स को फोरलेन करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है. जिसमें दिल्ली-मुंबई,दिल्ली–हावड़ा,हावड़ा–चेन्नई,चेन्नई-मुंबई,दिल्ली–चेन्नई,मुंबई–हावड़ा एवं दिल्ली–गुवाहाटी रेल मार्ग शामिल है. यह सभी रेलमार्ग करीब 11 हजार किलोमीटर में फैले देश के कुल रेल ट्रैफिक का लगभग 41% ट्रेफिक संभालते हैं. जबकि ये पूरे रेल नेटवर्क का केवल 16% हैं. वहीं, यदि दिल्ली मुंबई रेल मार्ग की बात करें तो इस रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। 

देश के 7 हाइ डेंसिटी रेलरूट में शामिल हुआ दिल्ली मुंबई रेलमार्ग 
रतलाम रेल मंडल में गोधरा से रतलाम तक जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू होने वाला है. रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि, ''रतलाम रेल मंडल के गोधरा से रतलाम और रतलाम से नागदा के लिए तीसरी और चौथी लाइन को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की तैयाारियां पूर्ण की जा रही है. इसके लिए लिए 2030-31 तक की समय सीमा तय की गई है। 

दिल्ली मुंबई रेलमार्ग फोरलेन बनने से रतलाम डिविजन को फायदा
गौरतलब है कि, देश के दो सबसे बड़े रेल और सड़क प्रोजेक्ट रतलाम रेल मंडल से होकर गुजरते हैं. रतलाम रेल डिवीजन में दिल्ली मुंबई फोरलेन रेलमार्ग के साथ ही दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे भी बनकर तैयार हो चुका है. इस रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बन जाने से रतलाम और आसपास के जिलों में औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स हब विकसित हो सकेगा. वहीं, इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार भी 160 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकेगी. दिल्ली और मुंबई के बीच सड़क मार्ग से और रेलमार्ग से भी दूरी घटेगा जो की मात्र 10 घंटे में पुरी की जा सकेगी। 

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