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मतदाता सूची में सुधार का मौका! पंजाब SIR-2026 में 12 सितंबर तक करें दावे-आपत्तियां, अक्टूबर में अंतिम सूची

चंडीगढ़.

पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान नागरिकों की शिकायतों और सवालों के त्वरित समाधान के राज्य शिकायत निवारण सेल ने सभी जिला शिकायत निवारण अधिकारियों (डीजीआरओ) को निर्देश जारी किए हैं।

एसआईआर के नोटिस चरण के दौरान 1950 हेल्पलाइन सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक संचालित होगी। यह व्यवस्था एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगी। ड्राफ्ट मतदाता सूची 13 अगस्त 2026 को प्रकाशित हो चुकी है। मतदाता अपना नाम और विवरण मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब की वेबसाइट https://www.ceopunjab.gov.in/index तथा निर्वाचन आयोग के वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर देख सकते हैं। इसके अलावा डीईओ, ईआरओ और एईआरओ कार्यालयों में निर्धारित हेल्प डेस्क पर भी ड्राफ्ट मतदाता सूची उपलब्ध है।

12 सितंबर तक दावे-आपत्तियां
ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम और विवरण सही होने पर किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है। यदि नाम सूची में शामिल नहीं है, विवरण में गलती है, पता बदलना है या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करानी है तो निर्धारित फार्म के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। दावे और आपत्तियां 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक दाखिल की जा सकती हैं। अंतिम तारीख के बाद दावा दाखिल नहीं किया जा सकेगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमा किए गए प्रत्येक दावे या आपत्ति की रसीद भी दी जाएगी। नया वोट बनवाने के लिए फार्म छह भरा जा सकता है। 18 वर्ष या इससे अधिक उम्र के ऐसे लोग जिनकी वोट नहीं बनी है, वे भी आवेदन कर सकते हैं। जो व्यक्ति 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे भी फार्म छह भर सकते हैं। विदेश में रहने वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए फार्म 6-ए, मतदाता सूची में किसी नाम पर आपत्ति या नाम हटाने के लिए फार्म सात और विवरण में सुधार, पता बदलने, ईपीआईसी बदलने तथा दिव्यांग मतदाता के रूप में चिन्हित करने के लिए फार्म आठ का इस्तेमाल किया जाएगा। नया वोट बनवाने के लिए आधार के अलावा उम्र और निवास का प्रमाण देने वाला एक अन्य दस्तावेज देना होगा। कोई भी मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने निर्वाचन क्षेत्र की ड्राफ्ट मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि के खिलाफ आपत्ति दर्ज करा सकता है।

8 अक्टूबर तक चलेगा नोटिस चरण
एसआईआर का नोटिस चरण 13 अगस्त से 8 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। हाउस-टू-हाउस प्रक्रिया के बाद अनमैप्ड पाए गए मतदाताओं, मैपिंग के बाद लाजिकल डिस्क्रेपेंसी (एलडी) वाले मामलों और ऐसे मामलों में नोटिस जारी किया जा सकता है, जहां ईआरओ को जांच की आवश्यकता महसूस हो। लाजिकल डिस्क्रेपेंसी का मतलब 2003 के विवरण और वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज जानकारी के बीच विसंगति है। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाता को नोटिस देकर निर्णय से पहले जरूरी दस्तावेज या स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया जाएगा। एलडी के मामलों में मतदाता और उसके माता-पिता की उम्र में 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक का अंतर, मतदाता और दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र में असामान्य अंतर, वर्तमान मतदाता सूची में पिता के नाम और पिछली एसआईआर सूची में दर्ज पिता के नाम में अंतर जैसी विसंगतियां शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा पिछली एसआईआर में दर्ज माता-पिता से जुड़े किसी अन्य बच्चे के साथ उम्र का अंतर नौ महीने से कम होना, एक ही व्यक्ति को कई लोगों द्वारा पिता के रूप में दर्ज करना और पुराने एसआईआर रिकॉर्ड से गलत लिंक होना भी लाजिकल डिस्क्रेपेंसी के मामले हो सकते हैं।

नोटिस मिलने पर सुनवाई में शामिल होना जरूरी
नोटिस मिलने वाले मतदाता को निर्धारित तारीख पर सुनवाई में शामिल होना चाहिए। यदि किसी उचित कारण से वह स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता तो परिवार के किसी सदस्य या प्रतिनिधि को प्राधिकरण पत्र देकर अपनी ओर से जरूरी दस्तावेज जमा कराए जा सकते हैं। यदि किसी उचित कारण से निर्धारित तारीख पर सुनवाई में शामिल होना संभव नहीं है तो संबंधित ईआरओ/एईआरओ कार्यालय से संपर्क कर सुनवाई की तारीख केवल एक बार बदलवाने का अनुरोध किया जा सकता है। प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार होगी। नोटिस चरण में बीएलओ मतदाता को ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम और विवरण की पुष्टि करने, जरूरी फार्म और सहायक दस्तावेज जमा कराने तथा चुनावी विवरण में सुधार के लिए आवेदन करने में मदद करेगा। नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को सुनवाई के दौरान दस्तावेज जमा कराने में भी बीएलओ सहायता करेगा।

1950 हेल्पलाइन पर मिलेंगे मानक जवाब
राज्य शिकायत निवारण सेल ने सभी डीजीआरओ को निर्देश दिए हैं कि 1950 हेल्पलाइन को एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने तक सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक सुचारू रूप से चलाया जाए। हेल्प डेस्क पर तैनात टेली-कॉलर और टीम को उपलब्ध कराए गए एफएक्यू के आधार पर नागरिकों के सवालों और शिकायतों का एक समान जवाब देने को कहा गया है। 1950 पर आने वाली किसी नई क्वेरी या प्रश्न को भी संबंधित ग्रुप में भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उसका मानक जवाब तैयार किया जा सके। इसके साथ ही पोर्टल पर फ्रीज होने के कारण लंबित पुरानी शिकायतों का भी पूर्ण निपटारा सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मतदाताओं से कहा गया है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जरूर जांचें, नोटिस को ध्यान से पढ़ें और निर्धारित समय में जवाब दें। नोटिस मिलने पर सुनवाई में शामिल हों और जरूरी मूल दस्तावेज साथ लेकर जाएं। किसी आधिकारिक सूचना को नजरअंदाज न करें, गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज न दें और दावे-आपत्तियां दाखिल करने के लिए अंतिम तारीख का इंतजार न करें। अनधिकृत सूचना पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें। अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

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