Headlines

मुख्यमंत्री ने अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह को किया नमन, 1857 के सेनानियों को याद किया

लखनऊ

 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर आयोजित भाव समर्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी के मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनसे लोकतंत्र व संविधान के प्रति जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है। यदि मनु को जानना है तो अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण पढ़ना चाहिए। ऐसा कौन व्यक्ति है, जिसे जीवन में मां, बहन, पत्नी या बेटी के रूप में किसी महिला का संरक्षण न मिला हो। महिलाओं व पुरुषों के पारस्परिक संबंधों को लेकर भारत की परंपरा को एकतरफा तरीके से देखने के बजाय उसके व्यापक संदर्भ को समझने की जरूरत है।

भारत की परंपरा-विरासत को कोसना ही राहुल गांधी का काम

सीएम योगी ने कहा कि राहुल गांधी ने संविधान की शपथ ली है, लेकिन इसके बावजूद वह भारत की परंपरा व विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। राहुल यूपी से बाहर जाकर उत्तर प्रदेश को लांछित और अपमानित करते हैं और भारत से बाहर जाकर देश का अपमान करते हैं। सेना सीमाओं पर दुश्मनों से लड़ती है, लेकिन राहुल जवानों से प्रमाण मांगते हैं। कांग्रेस तो अयोध्या में प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल खड़ा करती रही है। बच्चों व नौजवानों को ऐसी दिशा में नहीं ले जाना चाहिए, जहां बाद में माता-पिता या परिवार को शर्मिंदा होकर माफी मांगनी पड़े। मुख्यमंत्री ने जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री के प्रति कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए कहा कि बाद में उस बेटी और उसकी मां ने अपने शब्द वापस लेते हुए माफी मांगी। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि भारत की एक संवैधानिक संस्था हैं। जब प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है तो यह केवल व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि उस संस्था और देश का अपमान है।

भारत की वर्तमान पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़ न करें

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर अर्बन नक्सलियों के हाथों वर्तमान पीढ़ी का भविष्य खराब करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि वह भारत की विरासत को क्यों बर्बाद करना चाहते हैं? क्यों देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं? देश ने राहुल गांधी से नेता प्रतिपक्ष के रूप में सकारात्मक और जिम्मेदार भूमिका की अपेक्षा की थी, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से स्वयं को पूरी तरह अलग कर लिया है। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र के प्रति कांग्रेस की निष्ठा पर भी सवाल उठाते हुए 1975 के आपातकाल का उल्लेख किया।

अमेठी-रायबरेली के सामने बनाया पहचान का संकट

मुख्यमंत्री ने गांधी परिवार के राजनीतिक प्रभाव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेठी व रायबरेली ने लंबे समय तक इस परिवार को ढोया, लेकिन इस क्षेत्र के सामने पहचान का संकट भी इसी परिवार ने खड़ा किया। अब जनता को तय करना है कि विकास के लिए किस प्रकार की राजनीति और नेतृत्व की आवश्यकता है।

एक ही परिवार का नाम बढ़ाती रही कांग्रेस

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस को देश के स्मारकों और संस्थानों का नामकरण एक ही परिवार के नाम पर करने में रुचि रही है। उसने राना बेनी माधव बख्श सिंह, लालचंद स्वर्णकार और महापराक्रमी वीर पासी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर संस्थानों व स्मारकों के नाम रखने के बारे में कभी नहीं सोचा। देश के वास्तविक नायकों को उचित सम्मान देना कांग्रेस की प्राथमिकता नहीं रही। काकोरी ट्रेन एक्शन को लूट कहकर कांग्रेस सालों तक हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करती रही। हमारी सरकार ने स्वंतत्रा सेनानियों के साथ ही सभी महापुरुषों का सम्मान स्थापित किया। प्रभु राम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास, निषादराज और माता शबरी को भी सम्मान दिया है।

कांग्रेस के परिवार ने भारत नहीं बनाया, विभाजन जरूर कराया

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष परिवार पर देश के विभाजन और उस दौरान हुए बड़े पैमाने पर जनसंहार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया, जिसके लिए उसे देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को वीर सावरकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे राष्ट्रनायकों को स्वीकार करने में भी परेशानी रही। वाजपेयी सरकार में पोर्ट ब्लेयर एयरपोर्ट का नाम वीर सावरकर के नाम पर किया गया था, लेकिन बाद में कांग्रेस सरकार ने उसे बदल दिया। कांग्रेस ने ऐसे लोगों को महिमामंडित किया, जिन्होंने अंग्रेजों की मुखबिरी कर क्रांतिकारियों के खिलाफ साजिश रची। वर्तमान पीढ़ी को देश के वास्तविक नायकों का इतिहास बताने की जरूरत है।

सचिंद्र नाथ बख्शी को जेल भिजवाने वाला कांग्रेस नेता

मुख्यमंत्री ने काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिकारी सचिंद्र नाथ बख्शी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। आजादी के बाद उन्हें मुक्त किया गया। बाद में वह भारतीय जनसंघ से जुड़े और वाराणसी दक्षिण से विधायक बने। सचिंद्र नाथ बख्शी ने विधानसभा में बताया था कि उनके खिलाफ पैरवी करने वाला एक कांग्रेस नेता था, जिसने अंग्रेजों की मुखबिरी कर उन्हें जेल भिजवाने में भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने ऐसे व्यक्ति के नाम पर लखनऊ में सड़क का नामकरण किया, जबकि सचिंद्र नाथ बख्शी जैसे क्रांतिकारी को भुला दिया।

हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मछली की दावत!

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं के कथित दोहरे आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग विरासत का अपमान करने के साथ धार्मिक आस्था को लेकर भी दिखावा करते हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अयोध्या में हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मछली की दावत उड़ाई। यही कांग्रेस का दोहरा चरित्र है। मंदिर में राम-राम चिल्लाने और बजरंग बली के सामने दंडवत होने का ढोंग करने के बाद ऐसा आचरण शर्मनाक है। इन लोगों से गिरगिट भी शर्मा जाए। इन प्रदेश अध्यक्ष के भाई की हत्या एक माफिया ने की थी। प्रदेश अध्यक्ष ने उस माफिया के खिलाफ आवाज उठाने के बजाय उसके सामने घुटने टेककर नतमस्तक होने का काम किया।

अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह को किया नमन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राना बेनी माधव बख्श सिंह भारत माता के महान सपूत और स्वाधीनता संग्राम के प्रखर हस्ताक्षर थे। उनके अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को देश सदैव स्मरण करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से उनकी स्मृतियों को नमन किया। सीएम योगी ने कहा कि 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर उत्तर प्रदेश के बगैर अधूरा है। अवध क्षेत्र में इस पूरे आंदोलन को राना बेनी माधव बख्श सिंह ने नेतृत्व प्रदान किया। उन्होंने हजारों स्थानीय नागरिकों को अपनी सेना का हिस्सा बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में अवध की धरती पर स्वतंत्रता की लड़ाई ने व्यापक रूप लिया। सीएम ने मंगल पांडे, धन सिंह गुर्जर, नाना साहेब, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई, वीरा पासी, राजा माधव सिंह, राजा चंद्रिका बख्श सिंह, लालचंद स्वर्णकार, फतेह बहादुर और बसंत सिंह समेत भारत माता के महान सपूतों को नमन कर श्रद्धांजलि दी।

वीरा पासी की प्रतिमा लगाने का सुझाव

सीएम योगी ने कहा कि राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। कुल बजट 21 करोड़ रुपये था और करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने दूसरे चरण के कार्य में वीरा पासी और उनके सहयोगियों की प्रतिमाएं लगाने का सुझाव दिया। सीएम ने कहा कि पूरे वर्ष कार्यक्रम आयोजित कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *