Headlines

MP पंचायत में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, सचिव-सरपंच समेत 3 के खिलाफ लोकायुक्त केस

इंदौर.

ग्राम पंचायत में पद का ऐसा इस्तेमाल कि सरकारी काम के लिए सचिव ने अपने ही बेटे की गाड़ी पंचायत में अटैच करा दी। इतना ही नहीं, बिना टेंडर और ग्रामसभा की अनुमति के वाहन चलवाकर सरकारी खजाने से किराए का भुगतान भी करा दिया गया।

शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त पुलिस ने तत्कालीन सचिव, तत्कालीन सरपंच और सचिव के बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। मामला इंदौर की ग्राम पंचायत बांक का है। लोकायुक्त एसपी डॉक्टर राजेश सहाय को शिकायत मिली थी कि तत्कालीन पंचायत सचिव प्रहलाद नील ने अपने बेटे धीरज नील के वाहन क्रमांक एमपी-10 जी-1435 को पंचायत में सफाई सहित अन्य कार्यों के लिए नियमों को दरकिनार कर अटैच कराया। सचिव और तत्कालीन सरपंच लक्ष्मीबाई पति राधेश्याम चौहान ने वाहन के भुगतान का प्रस्ताव भी अपने हस्ताक्षर से तैयार किया।

पंचायत निधि से भुगतान किया
जांच में सामने आया कि वाहन को न तो टेंडर प्रक्रिया के जरिए लगाया गया और न ही इसके लिए ग्रामसभा की अनुमति ली गई। इसके बाद पंचायत निधि से वाहन मालिक धीरज नील को किराए का भुगतान किया गया। लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक, पद पर रहते हुए सचिव ने अपने पारिवारिक हित से जुड़े फैसले में भूमिका निभाई, जिससे धीरज नील को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचा। जांच के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ए), 13(2) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की आगे जांच जारी है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर पंचायतों में सरकारी निधि के इस्तेमाल और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *